मुंह बांधकर गांव में घूमते लड़के को गांववालों ने बच्चा चोर समझ कर पकड़ा और जमकर पीटा. फिर पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में पता चला कि पकड़ा गया लड़का बच्चा चोर नहीं, बल्कि नाबालिग के गैंगरेप मामले में फरार चला आरोपी है. जिसकी तलाश में पुलिस बीते तीन दिन से खाक छान रही थी. गैंगरेप का आरोपी यूं पकड़ा जाएंगे ऐसा तो पुलिस ने भी नहीं सोचा होगा.
दरअसल, बिहार के वैशाली जिले के एक गांव में बीते 10 सितंबर को नाबालिग के साथ गैंगरेप हुआ था. घटना को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों ने गैंगरेप का वीडियो भी वायरल किया था. इसके बाद पांचों आरोपी गांव से फरार हो गए थे. इस मामले में नाबालिग की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट तहत केस दर्ज किया गया था और पुलिस इनकी तलाश में जुटी हुई थी.
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी आस-पास के गांवो में छुपते फिर रहे थे. बुधवार को एक आरोपी पास के ही गांव में अपने मुंह पर कपड़ा बांधकर छिपा हुआ था. गांववालों ने उसे देखा तो लगा कि ये 'बच्चा चोर' है. जिसके बाद भीड़ ने उसे पकड़ा और जमकर पीटा.
इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया. गांववालों को क्या पता था जिसे वो बच्चा चोर समझ रहे हैं, असल में वो गैंगरेप का आरोपी है. पुलिस ने पकड़े गए लड़के की दी गई जानकारी के आधार पर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अभी भी दो आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
नाबालिग से गैंगरेप के फरार आरोपी यूं पकड़े जाएंगे, ऐसा पुलिस ने कभी सोचा भी नहीं होगा. क्योंकि, घटना के बाद से ही पुलिस इनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी. आरोपियों ने पुलिस के साथ चल रहे लुका छिपी के खेल में पुलिस की नाम में दम कर रखा था और तीन दिनों से पुलिस के हाथ खाली थे.
यह था पूरा मामला
नाबालिग लड़की अपने प्रेमी के साथ एकांत स्थान पर मौजूद थी. तभी पांच लड़के वहां पहुंच गए और इन दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था. आरोपियों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ था. लोग पुलिस पर आरोपियों को पकड़ने का दबाव बना रहे थे.