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पंजाब से असम भेजा गया गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल था ड्रग माफिया

कुख्यात गैंगस्टर और ड्रग माफिया जग्गू भगवानपुरिया को रविवार को कड़े मादक पदार्थ विरोधी कानून के तहत हिरासत में लिया गया है. उसे पंजाब की बठिंडा जेल से असम की जेल में भेज दिया गया है. उस पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल होने का भी आरोप लगा था.

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कुख्यात गैंगस्टर और ड्रग माफिया जग्गू भगवानपुरिया.
कुख्यात गैंगस्टर और ड्रग माफिया जग्गू भगवानपुरिया.

कुख्यात गैंगस्टर और ड्रग माफिया जग्गू भगवानपुरिया को रविवार को कड़े मादक पदार्थ विरोधी कानून के तहत हिरासत में लिया गया है. उसे पंजाब की बठिंडा जेल से असम की जेल में भेज दिया गया है. उस पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल होने का भी आरोप लगा था. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एक अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है.  

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बठिंडा की जेल में बंद गैंगस्टर भगवानपुरिया को पंजाब पुलिस के सहयोग से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने असम के सिलचर की सेंट्रल जेल में पहुंचाया. एनसीबी अधिकारियों ने मूसेवाला हत्याकांड के सिलसिले में पंजाब पुलिस की हिरासत में बंद गैंगस्टर को हिरासत में लिया और उसे चंडीगढ़ से दिल्ली और कोलकाता होते हुए सिलचर ले गए. जगदीप सिंह उर्फ ​​जग्गू भगवानपुरिया गुरदासपुर जिले का निवासी है. 

गैंगस्टर भगवानपुरिया के खिलाफ 128 आपराधिक मामलों में जांच चल रही है. इसमें हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले, जबरन वसूली से संबंधित मामले, आर्म्स एक्ट और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम के तहत दर्ज एक दर्जन मामले शामिल हैं. वो 128 मामलों में शामिल है. इसमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या का केस भी है. वो हेरोइन, अफीम, और अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल रहा है. 

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एनसीबी के मुताबिक, गैंगस्टर भगवानपुरिया पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली जेलों के भीतर से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बार-बार मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था. उसने कनाडा, अमेरिका और पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय गुर्गों के साथ संबंध स्थापित कर लिए थे. निरंतर आपराधिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित करने के लिए उसका पंजाब से बाहर भेजना जरूरी थी. 

साल 1988 के पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट में किसी भी तरह से मादक दवाओं और मनोदैहिक पदार्थों के अवैध व्यापार से संबंधित व्यक्तियों को एक या दो साल के लिए हिरासत में रखने का प्रावधान है. उन्हें ऐसी हानिकारक और पूर्वाग्रही गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके. इससे पहले बलविंदर सिंह उर्फ ​​बिल्ला हवेलियन, अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह उर्फ ​​गोल्डी जैसे अपराधियों को भी असम भेजा जा चुका है.

बलविंदर सिंह उर्फ ​​बिल्ला हैवेलियन साल 1992 से सक्रिय अपराधी है. उसके पाकिस्तान से संचालित सीमा पार तस्करी नेटवर्क से गहरे संबंध हैं. उसको 12 अगस्त, 2024 को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल (असम) में पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था. ऐसा उसके जेल आधारित आपराधिक नेटवर्क को अलग करने और उसके द्वारा संचालित संगठित अपराध को नेस्तनाबूत करने के उद्देश्य से किया गया था.

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