गर्ल्स नाइटआउट से लौटने के दौरान 30 साल की एक लड़की ने Uber Cab बुक की. रास्ते में Uber Cab ड्राइवर ने लड़की से रेप किया. फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद वो सड़क किनारे लाश को फेंककर फरार हो गया. दिसंबर 2017 की यह घटना बेरुत में घटी थी. एक जांच कमेटी ने इस मामले में नए तथ्यों का खुलासा किया है.
मामले में पहले ही दोषी करार दिए गए ड्राइवर को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. लेकिन उसे फांसी पर नहीं लटकाया जा सका है. अब ड्राइवर अपनी सजा कम करने की जुगत में लगा है.
रेबेका डाइक्स (Rebecca Dykes) बेरूत में ब्रिटिश एम्बेसी में काम करती थी. कैब ड्राइवर तारिक हौशीहो ने रेप के बाद उसकी हत्या कर दी थी. तारिक ने अपनी हुडी की डोरी से रेबेका का गला घोंट दिया था.
इस केस में 2019 में ड्राइवर को फांसी की सजा सुनाई गई थी. रेबेका की मौत की लंबे समय से चली आ रही जांच इस हफ्ते लंदन में फिर से खोली गई. इसके बाद ये मर्डर केस फिर से सुर्खियों में आ गया.
शरणार्थियों की मदद के कार्य में जुटी थीं
लंदन की एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि ब्रिटेन की रहने वाली रेबेका बेरूत, लेबनान में स्थित ब्रिटिश एम्बेसी में काम कर रही थीं. वो शरणार्थियों की मदद के कार्य में जुटी हुई थीं. उन्हें क्रिसमस के लिए वापस ब्रिटेन लौटना था, लेकिन इससे पहले उनकी रेप के बाद हत्या कर दी गई. उनका शव 16 दिसंबर, 2017 को सड़क किनारे मिला. रेबेका की हत्या के मामले में सिक्योरिटी कैमरे की मदद से तारिक नाम के कैब ड्राइवर को अरेस्ट किया गया.
दोषी का आपराधिक रिकॉर्ड था
एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड था. वह पूर्व में भी दो बार कथित उत्पीड़न और चोरी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका था. बावजूद इसके वह Uber कैब ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एम्बेसी के लोगों को जिन वाहनों का उपयोग करना था, उनमें Uber कैब शामिल नहीं थी. हालांकि, रेबेका की मौत के बाद एम्बेसी में सुरक्षा उपायों को और भी सख्त किया गया है.
वहीं, रेबेका की हत्या के 5 साल बाद भी उनकी फैमिली अभी सदमे में है. कोर्ट में रेबेका की मां ने कहा कि हमारी तरह किसी और पर ये ना गुजरे, अब तो बस यही चाहते हैं. वह कहती हैं कि अगर उस दिन रेबेका के पास सेफ़्टी अलार्म होता तो वो बच सकती थी.