बिहार के मुजफ्फरपुर पुलिस ने सीएसपी संचालक रंजीत कुमार की हत्या का खुलासा किया है. पुलिस ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश और साजिश के पीछे की कहानी चौंका देने वाली है. दरअसल, 15 जनवरी को बांध किनारे बोरे में बंद सीएसपी संचालक का शव बरामद हुआ था. वह बैंक के प्रतिनिधि या एजेंट के रूप में काम करते थे, जो ग्रामीण और पिछड़े इलाको के नागरिकों तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाता हैं.
पुलिस के मुताबिक, 14 जनवरी को साहेबगंज थाना के सलेमपुर के रहने वाले रंजीत कुमार के गुमशुदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इस दौरान 15 जनवरी को देवरिया थाना के कर्पूरी चौक के पास बांध किनारे एक बोरे में बंद शव बरामद हुआ था.
प्रेमी के स्कूल में टीचर थी प्रेमिका
पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर हत्या का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी कर लिया. पूछताछ में पता चला कि आरोपी संदीप के स्कूल में मृतक रंजित की भतीजी टीचर थी. स्कूल संचालक और भतीजी की बढ़ते नजदीकी से रंजित नाराज था और दोनों के संबंधों का विरोध करता था.
शव को शहर से दूर बांध किनारे फेंका
प्रेमिका के चाचा को रास्ते से हटाने के लिए संदीप ने फिल्म देखकर हत्या का प्लान बनाया था. इसके बाद सिर पर वार कर चाचा का हत्या कर दी. फिर छुपाने के लिए शव को बोरे में डाल दिया और शहर से दूर बांध किनारे फेंक दिया था. साथ ही मृतक के लैपटॉप और स्कूटी को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया.
मामले में एसएसपी राकेश कुमार ने बताया, "बीते 15 जनवरी को देवरिया थाना इलाके में बांध किनारे बोरे में बंद सीएसपी संचालक का शव बरामद हुआ था. परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. कोई नामजद आरोपी नहीं था. पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन पर हत्या का खुलासा किया."