
अमेरिका के फ्लोरिडा में मार्गारेट अमाटो (Margaret Amato) अपनी बीवी चाड अमाटो (Chad Amato) और तीन बच्चों के साथ रहते थे. इनमें से दो बच्चे कोडी और ग्रांट अमाटो सगे भाई थे. दोनों जुड़वा भाई थे. उनका जन्म 20 मई 1989 को हुआ था. जबकि, जेसन अमाटो उनका सौतेला भाई था. जेसन मार्गरेट की पहली बीवी की संतान थी. लेकिन जब मार्गरेट और चाड ने शादी की थी तो उस समय जेसन सिर्फ तीन साल का था. इसलिए वह चाड को ही अपनी सगी मां समझता था.
Daily Mail के मुताबिक, पूरा परिवार हंसी खुशी अपनी जिंदगी बिता रहा था. परिवार के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी. मार्गरेट और चाड दोनों ही अच्छी खासी नौकरी करते थे. जैसे-जैसे बच्चे बड़े हुए तो अब माता-पिता ने सोचा कि उनके तीनों बेटे अब कोई नौकरी करके सेटल हो जाएंगे. जेसन ने तो 19 साल का होते ही घर छोड़ दिया और कहीं नौकरी करके शादी की और सेटल हो गया. वहीं, कोडी और ग्रांट डॉक्टर बनना चाहते थे. इसलिए पढ़ाई करके दोनों एनेस्थिसियोलॉजिस्ट बन गए. लेकिन दोनों ही नौकरी नहीं करते थे.
दिन भर दोनों भाई साथ घूमते-फिरते और ऐश करते. माता-पिता ने उन्हें काफी समझाया कि वे नौकरी करके सेटल हो जाएं. लेकिन दोनों ही माता-पिता की बात को सीरियसली नहीं लेते. लेकिन बीच में ही कोडी को एक जगह नौकरी मिल गई और वह जॉब पर जाने लगा. वहीं, ग्रांट अभी भी बेरोजगार था. लेकिन उसे नौकरी न करने का कोई मलाल नहीं था. क्योंकि माता-पिता और भाई से उसे हमेशा पैसे मिल ही जाते थे. अब उसने बाहर घूमना-फिरना भी बंद कर दिया. वह पूरा दिन घर में ही रहता. उसका न कोई दोस्त था और न ही गर्लफ्रेंड. वह घर में अकेले रहकर ऐसा बन गया था कि वह अब बाहर के किसी भी शख्स से बात तक नहीं करता. घर में अगर कोई मेहमान आ भी जाए तो उसे काफी गुस्सा आता.
अस्पताल से चुराता था दवाइयां
वह सिर्फ माता-पिता और कोडी से ही बात करता. सौतेला भाई जेसन कभी घर आ जाए तो उससे भी बात करता. लेकिन बाहर का कोई भी शख्स उसे पसंद नहीं था. उसकी इन हरकतों से अब माता-पिता काफी हद तक परेशान हो गए थे. फिर उन्होंने उसे कह ही दिया कि अब तुन्हें हम पैसा नहीं देंगे. तुन्हें खुद पैसा कमाना होगा. माता-पिता की बातों का थोड़ा असर उसे हुआ और उसने पास ही एक अस्पताल में नर्स की नौकरी शुरू कर दी. बात तब बिगड़ी जब जून 2018 में उस अस्पताल के एक कर्मचारी ने पुलिस में कंप्लेंट दर्ज करवाई की ग्रांड उनके अस्पताल से महंगी दवाइयां चुराकर ले जाता है. पुलिस ने इस बात के लिए ग्रांट को गिरफ्तार कर लिया. किसी तरह ग्रांट के पिता ने उसे पुलिस से छुड़वा लिया. लेकिन अब ग्रांट की नौकरी जा चुकी थी. फिर से वह घर में पहले की तरह की पड़ा रहता.
भाई और उसके दोस्त के साथ गया जापान घूमने
फिर दिसंबर 2018 में कोडी ने सोचा कि क्यों न ग्रांट को घुमाने ले जाया जाए ताकि उसका मन खुश हो जाए और वह फिर से कोई नौकरी कर ले. इसके बाद कोडी और उसका दोस्त ग्रांट के साथ जापान घूमने गए. ट्रिप काफी अच्छा रहा लेकिन जैसे ही वे घर लौटे तो ग्रांट ने महसूस किया कि अब उसके पिता काफी गुस्से में हैं. उन्होंने इस बार साफ कह दिया कि हम तुम्हें अब पॉकेट मनी नहीं दे सकते. तुम खुद नौकरी ढूंढो क्योंकि अब तुम्हारी उम्र भी काफी हो गई है. दरअसल, उस समय ग्रांट 29 साल का हो चुका था. लेकिन नौकरी नहीं कर रहा था. पिता की बातों का असर तब भी ग्रांट पर नहीं हुआ. वह घर में बैठकर वीडियो गेम खेलता या सोशल मीडिया पर टाइम व्यतीत करता.
लड़की पर उड़ाने शुरू किए रुपये
फिर यहां उसे एक गंदी लत लग गई. वो थी ऑनलाइन वेबकैम ऐप की. यहां वह वैबकैम के जरिए लड़कियों के वीडियो देखता रहता. यह ऐप ऐसी थी जहां लड़कियों के वीडियो देखने के पैसे लगते. पैसे उसके पास थे नहीं. इसलिए वह कोडी से पैसे मांगने लगा. कोडी भी बिना कुछ सोचे समझे उसे पैसे दे देता. फिर यहीं उसकी मुलाकात हुई एक लड़की से जिसने अपना नाम ग्रांट को सिल्वी बताया. उसने बताया कि वह बुल्गारिया कि रहने वाली है. ग्रांट को उसकी वीडियो देखने का इतना चस्का लगा कि वह एक ही दिन में उसकी एक वीडियो देखने के लिए रोज के 2500 अमेरिकी डॉलर (2 लाख 6 हजार रुपये) उड़ाने लगा. इस ऐप की खास बात ये थी कि एक वीडियो देखने के बाद वह वीडियो दोबारा प्ले नहीं होती थी. लेकिन ग्रांट को तो सिल्वी का चस्का लग चुका था. इसलिए वह पैसे सिल्वी के अकाउंट में ट्रांसफर कर करके उससे वीडियो मंगवाने लगा.
वीडियो के बदले देता पैसे
एक बार तो सिल्वी को भी लगने लगा था कि आखिर ये शख्स इतने पैसे उस पर क्यों उड़ा रहा है. तो उसने ग्रांट से पूछ ही लिया. ग्रांट ने उसे बताया कि वह एक गेमर है और उसके पास काफी पैसा है. सिल्वी को लगा कि शायद ग्रांट सच बोल रहा है. इसलिए उसे भी वीडियो भेजने में कोई दिक्कत नहीं थी. क्योंकि उसे तो इसके पैसे मिल रहे थे. इसी तरह कुछ ही दिनों में ग्रांट सिल्वी को वीडियो के बदले 2 लाख अमेरिकी डॉलर (1 करोड़ 65 लाख 54 हजार रुपये) से भी ज्यादा पैसे दे चुका था.
पकड़ा गया ग्रांट का झूठ
यहां ग्रांट का ओबसेशन सिल्वी के लिए इस कदर बढ़ चुका था कि अब वह छुप-छुपाकर माता-पिता के क्रेडिट कार्ड से भी पैसे सिल्वी के अकाउंट में ट्रांसफर करने लगा. वह अजीबो-गरीब ड्रेस खरीदकर सिल्वी को भेजता. फिर उसे उन कपड़ों में वीडियो बनाने को कहता. सिल्वी भी पैसों के लिए ऐसा कर देती. अब ग्रांट के माता-पिता को भी शक हुआ कि उनका पैसा कहीं तो जा रहा है. फिर उन्होंने सीधे ग्रांट से पूछना शुरू कर दिया कि क्या तुम हमारे अकाउंट से पैसा लेते हो? इस पर ग्रांट ने उन्हें झूठ कह दिया कि वह एक गेम में पैसा लगा रहा है. जल्द ही उसे ढेर सारा पैसा मिलेगा. जिसके बाद वह उनके पैसे लौटा देगा. लेकिन जल्द ही उसका झूठ पकड़ा गया. इस बात से नाराज होकर मार्गरेट ने कोडी को खूब डांटा. लेकिन उन्हें अब भी नहीं पता था कि ग्रांट आखिर पैसे का कर क्या रहा है. उन्होंने जब ग्रांट से पूछा तो वह गुस्से में घर से गाड़ी लेकर कहीं निकल गया. ग्रांट की मां ने परेशान होकर पुलिस को इसकी सूचना दी और कहा कि कहीं ग्रांट कहीं कुछ कर ना ले. पुलिस ने फिर ग्रांट को रास्ते में ही पकड़ लिया. लेकिन ग्रांट ने कह दिया कि वह अपनी आंटी के घर जा रहा है. उसने किया भी ऐसा ही.
आंटी के अकाउंट से उड़ाए रुपये
वह अब अपनी आंटी के घर रहने लगा. लेकिन कुछ दिन के बाद ही वह आंटी का घर छोड़कर अपने घर वापस आ गया. कुछ दिन बाद जब ग्रांट की आंटी बैंक में पैसा जमा करवाने गई तो उन्हें पता चला कि उनके अकाउंट से लाखों रुपये सिल्वी नामक लड़की को ट्रांसफर किए गए हैं. यह भी पता चल गया कि यह रकम ग्रांट ने ही उनके अकाउंट से उड़ाई थी. अब जब यह बात ग्रांट के पिता को पता चली तो वह काफी गुस्सा हुए. पता चला कि ग्रांट अब तक सिल्वी को 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर (2 करोड़ 6 लाख 98 हजार रुपये) ट्रांसफर कर चुका है. अब परेशान होकर ग्रांट के माता पिता ने उसे नजदीक के एक रीहैब सेंटर में भर्ती करवा दिया. वहीं सिल्वी को भी ग्रांट के हर अकाउंट से ब्लॉक कर दिया और सिल्वी को कह दिया कि वह ग्रांट से बिल्कुल भी बात न करे. नहीं तो उसके लिए भी यह सही नहीं होगा.
घर में हुई खूब लड़ाई
उधर, ग्रांट रीहैब सेंटर में 14 दिन भी नहीं रहा. उसने वहां कह दिया कि अब वह सुधर गया है और दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेगा. इसके बाद वह घर वापस आ गया. घर आते ही उसने फिर जिद पकड़ ली कि वह सिल्वी से बात करना चाहता है. लेकिन माता-पिता ने कुछ नियम बना रखे थे. उन्होंने उसे साफ कह दिया कि न अब तुम्हें फोन मिलेगा और न ही लैपटॉप. तुम नौकरी करो और पैसा कमाओ. फिर वह घर पर ही रहने लगा. लेकिन उसे इन नियमों से वह अब घुटने लगा. फिर दिन आया 24 जनवरी 2019 का. यहां ग्रांट के माता-पिता ने उसे नौकरी करने के लिए फिर से कहा तो उस दिन घर में खूब झगड़ा हुआ. कोडी भी घर आ गया. फिर रात को उस घर में ऐसा खूनी खेल चला जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.
तीन लोगों की मिली लाश
अगले दिन कोडी अस्पताल नहीं पहुंचा तो उसके दोस्त ने उसे फोन किया. कोडी ने फोन नहीं उठाया तो उसके दोस्त को शक हुआ. वह कोडी के घर पहुंचा तो देखा कि घर अंदर से बंद है. वहीं खिड़की पर खून के कुछ धब्बे लगे हुए हैं. उसने काफी आवाज लगाई. लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला. तो उसने सीधे पुलिस को फोन कर दिया. पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो अंदर का मंजर देखकर हैरान रह गई. उन्होंने वहां देखा कि सीढ़ियों के पास कोडी की लाश पड़ी हुई थी. उसके सीने में चाकू घोंपा गया था. पुलिस अंदर गई तो उन्हें एक कमरे में मार्गरेट की लाश तो एक कमरे में चाड का शव पड़ा मिला. दोनों को गोली मारी गई थी. पुलिस को लगा कि कोडी ने पहले अपने माता-पिता को मारा. फिर खुद भी सुसाइड कर लिया.
ग्रांट को पुलिस ने पकड़ा
लेकिन पुलिस के होश तब उड़े जब उन्हें पता लगा कि यहां से चौथा फैमिली मेंबर यानि ग्रांट गायब है. उन्होंने तुरंत उसकी तलाश शुरू की. फिर जल्द ही उसे पकड़ लिया. उससे जब पूछताछ की गई तो ग्रांट ने बताया कि उसके पिता घर वालों को दबाकर रखते थे. जिससे कि पूरा परिवार परेशान था. उसने पुलिस के सामने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि उसके पिता के कारण ही यह सब हुआ होगा. उसे बाकी इस बारे में कुछ नहीं पता क्योंकि वह 24 जनवरी 2019 को ही घर से चला गया था. वह रात भर अपनी गाड़ी में ही सोया. इसके बाद उसे नहीं पता कि उसके घर में क्या हुआ. लेकिन पुलिस ने दोबारा उससे पूछताछ की तो उसने बयान बदल दिया. उसने कहा कि वह 25 जनवरी की सुबह अपने घर से निकला था. तब उसके परिवार वाले बिल्कुल ठीक थे. पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं था इसलिए उन्होंने उसे छोड़ दिया. लेकिन फिर भी उस पर नजर बनाई रखी. फिर 28 जनवरी को वह खुद ही पुलिस स्टेशन आया और गुनाह कबूल कर लिया.
उम्रकैद की सजा काट रहा ग्रांट
उसने बताया कि सबसे पहले उसने मां को तीन बार गोली मारी. फिर जब उसके पिता घर लौटे तो उसने उन पर भी फायरिंग करके मार डाला. इसके बाद कोडी घर आया. तो उसने कोडी पर चाकू से हमला करके उसे मौत के घाट उतार दिया. फिर वह घर की खिड़की से बाहर निकला और गाड़ी लेकर चला गया. अब पुलिस के पास ग्रांट का कबूलनामा था. New York Post के मुताबिक, फिर जुलाई 2019 में कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ. उसके ऊपर तीन मर्डर के चार्ज लगे. उसे बिना किसी पैरोल के उम्रकैद की सजा सुनाई गई. फिलहाल ग्रांट फ्लोरिडा की जेल में बंद है. सबसे हैरानी की बात ये है कि जेल के अंदर उसने सिल्वी के लिए 8 पेज का लव लेटर लिखा.