हाथरस गैंगरेप केस के बहाने हिंसा भड़काने की साजिश के मामले में UAPA के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर उन चार लोगों पर दर्ज की गई है, जिन्हें पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का कार्यकर्ता बताया जा रहा है. इन चारों को दिल्ली से हाथरस जाते वक्त मथुरा में गिरफ्तार किया गया था.
मथुरा के मांठ थाने में सब इंस्पेक्टर की तरफ से गिरफ्तार चार आरोपियों पर धारा 153-A,295-A 124-A,17,14,65,72 और धारा 76 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है. इन पर हवाला के फंडिंग इकट्ठा करके हाथरस में हिंसा फैलाने की साजिश रचने का आरोप है. पुलिस को इन चारों के पास से हिंसा फैलाने वाले पंपलेट के साथ मोबाइल और लैपटॉप में आपत्तिजनक कंटेंट भी मिले थे.
पुलिस का कहना है कि carrd.co वेबसाइट बनाकर विदेशों से फंड इकट्ठा किया जा रहा था. विदेश से आए फंड का शांति व्यवस्था भंग करने और दंगा भड़काने की कोशिश की गई. चंदे की धनराशि जिस माध्यम से प्राप्त की जा रही है, उसकी कोई वैध प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है और यह धनराशि जब्त करने योग्य है.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए अतीकुर्रहमान,आलम,सिद्दक,और मसूद के पास से बरामद पंपलेट Am I not India's daughter, made with Carrd आदि मुद्रित सामग्री सामाजिक वैमनस्यता बढ़ाने वाले एवं जन विद्रोह भड़काने वाले हैं. इस वेबसाइट से युवाओं में राष्ट्र विरोधी भावनाओं को जागृत किया जा रहा.
अब पुलिस दोनों वेबसाइट्स की जांच कई बिंदुओं पर करेगी, जिसमें वेबसाइट, प्लेटफार्म किसके द्वारा, किस उद्देश्य से बनाना, ब तक इस वेबसाइट से कितनी धनराशि एकत्र हुई और जो धनराशि एकत्र की गई है, उसे कहां इस्तेमाल किया गया है, किन लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है, शामिल है.