हाथरस कांड के बाद जातीय हिंसा फैलाने की कोशिश के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनकी गिरफ्तारी मथुरा के पास के एक टोल प्लाजा से हुई है. चारों दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे थे. इनमें एक जामिया का छात्र भी शामिल है. पुलिस का आरोप है कि वह यूपी में दंगे की साजिश रखने वाला पीएफआई का मास्टरमाइंड है.
मसूद अहमद नाम का गिरफ्तार छात्र बहराइच जिले के जरवल रोड का रहना वाला है. पुलिस के मुताबिक मसूद अहमद दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में एलएलबी का छात्र है. वह बीते दो साल से कैम्पस फ्रेंड ऑफ इंडिया से जुड़ा हुआ है जो पॉपुलर फ्रंड ऑफ इंडिया की स्टूडेंट विंग है.
जामिया ने किया खंडन
दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिसमें पीएफआई से जुड़े मसूद अहमद को जामिया में लॉ फैकल्टी का छात्र बताया गया है. जामिया मिलिया इस्लामिया की तरफ से कहा गया कि यह स्पष्ट करना है कि मसूद अहमद पुत्र सकील अहमद अब जामिया मिलिया इस्लामिया का छात्र नहीं है.
इससे पहले, हाथरस गैंगरेप को लेकर उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा था कि पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. जातीय हिंसा फैलाने की नीयत से सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. एडीजी ने कहा कि माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
एडीजी के मुताबिक कुछ लोगों ने हाथरस की घटना को लेकर अमन-चैन बिगाड़ने का प्रयास किया है. लिहाजा इस सिलसिले में पहला मुकदमा हाथरस के चंदपा थाने में दर्ज हुआ है. हाथरस में तैनात अधिकारियों से उलझने, बैरिकेडिंग तोड़ने के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया गया है.