हाथरस केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच जारी है. सीबीआई टीम ने मंगलवार को पीड़ित परिवार से 1 घंटे पूछताछ की. पीड़िता के बड़े भाई ने बताया कि वह घटना के समय घर पर था. इस दौरान सीबीआई ने पीड़िता के भाई से पूछा कि घटना के दिन वह कौन से कपड़े पहने हुए थे?
वहीं पीड़िता के भाई का कहना है कि चश्मदीद विक्रम उर्फ छोटू गलत बयान दे रहा है. भाई का कहना है कि छोटू बाद में घटना स्थल पर पहुंचा था. पीड़िता के भाई ने कहा कि विक्रम उर्फ छोटू को वह जानते हैं और वह उन्हें घर बुलाने आया था.
इसके अलावा, सीबीआई टीम ने पीड़ित के घर की छत पर पहुंच कर आरोपियों के घरों की दूरी की भी जांच की. पीड़िता के घर के पीछे आरोपी लवकुश और पीड़िता के घर के सामने आरोपी संदीप के घर की दूरी नापी गई.
सीबीआई की टीम मंगलावर को एक बार फिर मौका-ए-वारदात पर पहुंची है. चश्मदीद विक्रम उर्फ छोटू भी सीबीआई टीम के साथ मौके पर मौजूद था. सीबीआई की टीम में महिला अफसर भी शामिल हैं.
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एक आरोपी नाबालिग
आरोपियों से सीबीआई की पूछताछ के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं. इसके साथ ही केस में पुलिस की लापरवाही का एक और मामला आया सामने आया है. जेल गए बंद चारों आरोपियों में से एक आरोपी की उम्र 18 साल से कम है. आरोपी की मां का कहना है कि ये मार्कशीट मेरे बेटे की ही है, वो नाबालिग है. सीबीआई की टीम घर आई थी और मार्कशीट लेकर गई है.
आज तक/इंडिया टुडे के पास आरोपी की दसवीं क्लास की मार्कशीट है, जिस पर जन्म तारीख 2 दिसंबर 2002 दर्ज है. सीबीआई के हाथ आरोपी की हाईस्कूल की मार्कशीट लगने के बाद घटना से जुड़े सभी सस्पेंड पुलिसकर्मियों से पूछताछ की गई. इसके साथ ही जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी पूछताछ की गई.