दिल्ली में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे हाई प्रोफाइल लुटेरों को दबोचा है जो सिर्फ एसयूवी गाड़ियों को ही अपना निशाना बनाते थे. ये शातिर इनोवा, क्रेटा और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों पर घात लगाते थे, इसके बाद उन्हें लूट लिया करते थे. इन्होंने दिल्ली एनसीआर में कई बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस ने जिन दो लोगों लुटेरों को पकड़ा है, उनकी पहचान रवि कैमर और स्वेत सिंह के नाम से हुई है. रवि कुमार गोपालगंज बिहार का तो स्वेत सिंह पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला है. दोनों आरोपियों पर 25-25 हज़ार का इनाम घोषित था.
दरअसल, राजधानी दिल्ली में SUV लूटपाट की वारदातें लगातार बढ़ रही थीं. केस की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया. क्राइम ब्रांच के ऑपरेशन को-इंस्पेक्टर पंकज अरोड़ा और एसीपी राजकुमार साह ने शातिरों को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की. इसके बाद आरोपियों को दबोचा गया.
जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने 30 सितंबर को की थी. इस दौरान शातिरों ने क्रेटा कार को लूटा था. क्राइम ब्रांच की डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से 2 लुटेरों की पहचान कर इनके ठिकानों पर रेड की गई. बाद सात और आठ दिसंबर की दरमियानी रात को आरोपी रवि कुमार को बिहार के गोपालगंज से और आरोपी स्वेत सिंह को यूपी के कुशीनगर से गिरफ्तार किया गया.
आरोपियों ने पूछताछ में दिल्ली में हुई दो और बड़ी SUV की लूट की वारदात का खुलासा किया है. 8 अक्टूबर को इन लुटरों ने अजय कुमार नाम के ड्राइवर की इनोवा कार लूट ली. 30-40 मिनट की ड्राइव के बाद, इन लोगों ने ड्राइवर को रानी बाग के एक सुनसान जगह पर फेंक दिया और इनोवा लेकर मौके से भाग गए थे. इसी तरह बदमाशों ने 15 अक्टूबर को भी एक क्रेटा कार लूट ली थी.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने मीडिया को बताया कि दोनों आरोपियों ने खुलासा किया है कि वे केवल एसयूवी लूटते थे. साथ ही कार का रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर बदलकर बिहार में बेच देते थे. आरोपी रवि कुमार 12वीं पास है. उसने दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर सेफ्टी, द्वारका से स्वास्थ्य और सुरक्षा पर्यावरण में डिप्लोमा कोर्स किया था. जबकि स्वेत सिंह ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार से बीएससी की है. वह बेरोजगार था और आसानी से पैसा कमाने के लिए लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था.