राजस्थान के भरतपुर में हनीट्रैप के जाल में फंसाकर लोगों से रुपये ऐंठने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस मामले में पुलिस ने महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि चिकसाना थाना क्षेत्र के रहने वाले दो व्यक्तियों को एक महिला ने हनीट्रैप में फंसाकर उन्हें मिलने के लिए बुलाया और बंधक बना लिया. फिर अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें रेप केस के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांगने लगी.
पुलिस ने बताया कि यह मामला चिकसाना थाना इलाके है. गांव खैमरा कला के रहने वाले श्यामवीर नाम के शख्स से महिला ने पहले दोस्ती की. दोनों की फोन पर रोज बातें होने लगी. नए साल पर महिला ने उसे मिलने के लिए वृंदावन में मौजदू प्रेम मंदिर बुलाया. शायमवीर मोटरसाइकिल से अपने गांव के दोस्त धर्मवीर के साथ कविता देवी (30) से मिलने वृंदावन पहुंच गया.
फिर महिला उसे अपने फ्लैट में ले गई जहां उसके साथी दिनेश, विजय और रामकेश पहले ही मौजूद थे. सभी ने मिलकर दोनों को बंधक बना लिया और रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उससे 3 लाख रुपये मांगने लगे. आरोपी महिला ने श्यामवीर के फोन से उसके घर फोन किया और तीन लाख रुपये की डिमांड की. पीड़ित के परिजनों तुरंत ही इसकी शिकायत पुलिस से की और उनके फोन को सर्विलांस पर लगाया और लोकेशन वृंदावन पता चली. पुलिस ने तुरंत ही दबिश देकर आरोपियों को पकड़ लिया.
पुलिस ने बताया कि अपहरण कर फिरौती मांगने वाले गैंग के 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान 25 वर्षीय दिनेश कुमार मीणा निवासी टोंक जिला, 22 वर्षीय रामकेश बैरवा निवासी टोंक जिला, 35 वर्षीय विजय बैरवा निवासी सवाई माधोपुर, 30 वर्षीय महिला कविता मीणा निवासी प्रताप नगर जयपुर के रूप में हुई है. अब इनसे सख्ती से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग ने ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.
इस मामले पर भरतपुर सीओ ग्रामीण ब्रजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि सचिन नाम एक व्यक्ति ने सूचना दी थी कि उसके पिता अपने दोस्त के साथ बाजार गए थे. लेकिन उनके मोबाइल से किसी ने फोन किया कि उसके पिता का अपहरण हो गया है और 3 लाख की फिरौती मांगी. सूचना के बाद पुलिस टीम ने वृंदावन जाकर दबिश दी और दोनों को कब्जे से मुक्त कराकर हनी ट्रैप करने वाली गैंग के तीन बदमाश और एक महिला को भी गिरफ्तार किया है.