दिल्ली पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने और फर्जी वीजा के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने बकायदा दफ्तर भी खोल रखा था. ये लोग मिडिल ईस्ट में जॉब दिलाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते थे. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पिछले 4 महीने में 300 लोगों के साथ ठगी की है.
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के चुरु के रहने वाले गोगराज उर्फ रिजवान और बहादुरगढ़ के सुशील को गिरफ्तार किया है. ये दोनों एक अन्य आरोपी की सहायता से सुभाष नगर में फर्जी वीजा कंपनी Meet Visa चला रहे थे. आरोपी सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी संबंधी पोस्ट डालकर लोगों को आकर्षित करते थे.
जब कोई इन सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी दिलचस्पी दिखाता, तो आरोपी उससे फोन कर संपर्क करते थे और उसे सुभाष नगर में बुलाते. वहां वे आवेदकों के पासपोर्ट लेते और उनसे अपनी तय फीस का कुछ पैसा जमा करवाते. उन्होंने आवेदकों के मेडिकल के लिए एक डायग्नोस्टिक सेंटर के साथ भी संपर्क कर रखा था, ताकि ये पूरी प्रक्रिया सही लगे.
इसके बाद ये लोग पासपोर्ट को नेपाल भेजते थे, ताकि इनपर मुहर लग सके. इसके बाद ये लोग आवेदकों को बुलाकर उन्हें फर्जी वीजा देते और उनसे बाकी पैसा लेते.आवेदकों को अपने साथ हुई ठगी पता तब चलता, जब वे चुने हुए देश की यात्रा के लिए एयरपोर्ट के आव्रजन काउंटर पर पहुंचते. इसके बाद ये आरोपी अपना दफ्तर बंद कर दूसरी जगह खोल लेते.
इस गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ, तब ठगी के शिकार एक पीड़ित ने अन्य पीड़ितों के साथ पीपी सुभाष नगर में मामला दर्ज कराया. इसके बाद राजौरी गार्डन में भी मामला दर्ज कराया गया. पुलिस ने जांच करने के बाद इस गिरोह के दोनों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. अन्य की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है. मामले में जांच जारी है.