इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी जंग भीषण होती जा रही है. इजरायली सेना लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को तबाह कर रही है तो वहीं हमले से बौखलाया हिज्बुल्लाह भी उस पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. बुधवार को उसने तेल अवीव पर कई रॉकेट दागे गए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. लेकिन लेबनान में इजरायली हमलों में 51 लोग मारे गए हैं, जबकि 223 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल हर्ज़ी हलेवी ने बताया कि हिज्बुल्लाह के 60 खुफिया निदेशालयों पर इजरायल एयरफोर्स ने एयरस्ट्राइक की है. इसमें खुफिया जानकारी जुटाने के उपकरण, कमांड सेंटर और अतिरिक्त बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया है. उन्होंने उत्तरी सीमा पर 7वीं ब्रिगेड के युद्धाभ्यास का दौरा किया. इसमें उत्तरी कमान के कमांडर, 98वीं डिवीजन के कमांडर शामिल थे.
इसके बाद मेजर हलेवी ने कहा, "हम रुकने वाली नहीं हैं. हमारे फाइटर जेट पूरे दिन हमला कर रहे हैं. हम आगे के लिए युद्धाभ्यास की तैयारी कर रहे हैं." इजरायली सेना हिज्बुल्लाह के ठिकानों को चुन-चुन कर तबाह कर रही है. उसके इन हमलों में हिज्बुल्लाह का मिसाइल कमांडर इब्राहिम कुबैसी भी मारा गया. उसके साथ 6 लड़ाके भी मारे गए. वहीं इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनानी नागरिकों को सख्त संदेश दिया है.
उन्होंने कहा कि जिसके घर में बम और रॉकेट मिलेगा उसका घर नहीं बचेगा. लेबनानी नागरिकों से नसरल्लाह से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है. उधर, इजरायली एयरस्ट्राइक से बौखलाया हिज्बुल्लाह भी इजरायल पर पलटवार कर रहा है. बुधवार को इजरायल के तेल अवीव में हिज्बुल्लाह की तरफ से रॉकेट दागे गए, लेकिन किसी भी नुकसान की खबर नहीं है. इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने रॉकेट को हवा में ही तबाह कर दिया.
इस जंग को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन आगे आए हैं. उन्होंने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना आखिरी भाषण दिया. कूटनीतिक समाधान के जरिए इजरायल और लेबनान जंग रोकने की अपील की. बता दें कि साल 2006 के बाद लेबनान पर अब तक सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है. पिछले एक हफ्ते से जारी इस जंग में अब तक करीब 600 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 94 महिलाएं और 50 बच्चे शामिल हैं.
हिज्बुल्लाह के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि लेबनान में पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट में बुरी तरह घायल होने की वजह से उसके 1500 लड़ाकों को लड़ाई से बाहर करना पड़ा है. इन लड़ाकों में कई की आंखों की रौशनी चली गई है, तो कई हाथ-पैर उड़ गए हैं. इसे हिज्बुल्लाह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि, एक अमेरिकी रिपोर्ट में इस आतंकवादी संगठन के लड़ाकों की संख्या 40 से 50 हजार बताई गई है.
उधर, इजरायली डिफेंस फोर्स का दावा है कि हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर बड़े हमले का प्लान बनाया था. इसमें हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए नरसंहार जैसी साजिश रची गई थी. इस बार उत्तरी इजरायल में हिज्बुल्लाह के लड़ाके उसी तरह घुसपैठ की प्लानिंग में थे, जिस तरह हमास ने दक्षिणी इजरायल में किया था. लेकिन समय रहते इस साजिश की भनक लग गई. इसके बाद इजरायली सेना ने इसमें शामिल कमांडरों का सफाया कर दिया.
आईडीएफ प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा कि इस साजिश के तहत हिज्बुल्लाह का इरादा बड़ा हमला करना था. उसके निशाने पर गैलिली इलाके के लोग थे. उसके आतंकी वहां दाखिल होते, नागरिकों की हत्या करते और उनका अपहरण करते, जैसा कि हमास ने 7 अक्टूबर को किया था. इस हमले को लेकर पूरी प्लानिंग की गई थी. उसे अंजाम देने के लिए शुक्रवार को बैठक हुई थी. इसकी जिम्मेदारी रादवां फोर्स को सौंपी गई थी.