जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अरनिया सेक्टर के फ्लांय मंडाल में पुलिस को बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं. हथियार वसूली अभियान के दौरान पुलिस जेल में बंद पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अली हुसैन उर्फ कासिम उर्फ जहांगीर की निशानदेही पर इन हथियारों को रिकवर किया है. ड्रोन के जरिए हथियारों को भारतीय सीमा में गिराया गया था.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस के जवानों को विस्फोटक का एक पैकेट मिला. जवान जब उसे खोल रहे थे तभी आतंकी ने एक जवान की सर्विस राइफल छीन ली. इसके बाद उसने पार्टी पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने की कोशिश की.
हमले में पुलिसकर्मी जख्मी हो गया वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आतंकी भी घायल हो गया. जख्मी दोनों लोगों को जीएमसी जम्मू ले जाया गया, जहां आतंकी ने दम तोड़ दिया. आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर था. बम निरोधक दस्ते की मदद से बरामद पैकेट की जांच की गई है.
कई कारतूस, चाइनीज ग्रेनेड भी हुए बरामद
जानकारी के अनुसार सर्च अभियान के दौरान 1 एके राइफल, 1 एके मैगजीन, 40 एके कारतूस, 1 पिस्टल स्टार, 2 मैगजीन पिस्टल, 9 एमएम के 10 पिस्टल कारतूस और दो स्मॉल चाइनीज ग्रेनेड बरामद हुए हैं.
लश्कर-अल बद्र का कमांडर था आतंकी
जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2022 को अरनिया क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार और गोला बारूद फेंके जाने का मामला सामने आया था. मामले की जांच में पुलिस को पता चला कि जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद आतंकी मोहम्मद अली उर्फ कासिम जहांगीर के कहने पर यह सामान आया था. कासिम लश्कर और अल बद्र का मुख्य संचालक था.
ड्रोन के जरिए दो जगह गिराए गए थे हथियार
जानकारी के मुताबिक आतंकी कासिम को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद उसे पुलिस रिमांड में भेज दिया गया था. पुलिस के मुताबिक लगातार पूछताछ के दौरान आतंकी ने हथियार गिरने के मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की थी.
उसने यह भी बताया था कि दो जगहों पर ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद गिराए गए थे. जानकारी के मुताबिक आतंकी की निशानदेही पर पुलिस को पहली जगह से हथियार बरामद नहीं हुए थे लेकिन दूसरी जगह पर हथियार, गोला-बारूद और एक पैकेट में विस्फोटक बरामद हुए.