झारखंड के गिरिडीह नगर क्षेत्र में पुलिसकर्मियों और चौकीदार की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. कई गंभीर मामलों में कोर्ट के सामने पेश होने वाले आरोपियों को जिस तरह से काबू में रखना था, वैसा किया नहीं गया. आरोपियों की कमर में रस्सी बांधकर कोर्ट में पेश किया जा रहा था. पुलिसकर्मी और चौकीदार की लापरवाही की वजह से ही इनकी गिरफ्त में ढील दी गई और कैदियों के प्रति लापरवाही साफ नजर आई.
दरअसल हत्या के एक आरोपी, दहेज हत्या के अलग-अलग कांड के दो आरोपियों और चोरी के एक आरोपी को बेंगबाद से गिरिडीह पुलिस रस्सी बांधकर लाई. आरोपियों की कमर में रस्सी बांधी गई थी, वहीं हाथ पूरी तरह से खुले थे. चारों को गिरिडीह कोर्ट में पेश किया जाना था लेकिन उन पर निगरानी रखने में पुलिस लापरवाह नजर आई.
बेंगबाद थाना पुलिस ने चर्चित स्कॉर्पियो ड्राइवर हत्याकांड में धर्मेंद्र कुमार सिंह को जमुई के खैरा से गिरफ्तार किया था. दहेज हत्या के मामले में बहादुरपुर के प्रवीण कुमार सिंह और दहेज हत्या के एक दूसरे मामले में पवन पंडित को सिहोडीह से पकड़ा था. चोरी के एक मामले में बहादुरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था.
'नाबालिग हूं, अभी शादी नहीं करनी', लड़केवालों को किया फोन और फिर...
पुलिसकर्मी कोर्ट के अंदर, चौकीदार ने की लापरवाही
जिस तरह से आरोपियों को पकड़ा गया था, आरोपी अगर भागने की कोशिश करते तो उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता. हद तो यह है कि वरिष्ठ अधिकारी अभियुक्तों को चौकीदार के हवाले करके कागजी कार्रवाई के नाम पर कोर्ट परिसर के अंदर चले गए. यहीं चौकीदार से लापरवाही हो गई.
चौकीदार ने चारों अभियुक्तों की कमर में रस्सी बांध दी और अपने मोबाइल से चोरी के एक आऱोपी की बात उसके घरवालों से करवाने लगा. लापरवही की हद यह थी कि कमर में बंधे रस्सी को चौकीदार ने अभियुक्त को ही थमा दिया. जब मीडियाकर्मियों ने तस्वीर लेनी शुरू की तो चौकीदार को होश आया और उसने रस्सी को अपने हाथ में लिया.
(गिरिडीह से सूरज सिन्हा के इनपुट के साथ)