झारखंड़ के पलामू जिले में पुलिस ने डकैतों के एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो पड़ोसी राज्य बिहार से डकैती करने पलामू आता था. पलामू पुलिस ने डकैतों के एक इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है. डकैतों का ये गैंग टेम्पो से डकैती करने पलामू आता था और वारदात को अंजाम देकर वापस बिहार लौट जाता था.
शुक्रवार को एसडीपीओ के विजय शंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह के सभी सदस्य बिहार के रोहतास और गया जिले के रहने वाले हैं. एक सितंबर से चार अक्टूबर के बीच इन डकैतों ने पलामू में चार घटनाओं को अंजाम दिया था. डकैतों का यह गैंग पुलिस की नज़र से बचने के लिए टेम्पो का इस्तेमाल करता है. टेम्पो को लेकर पुलिस रोक टोक नहीं करती, इसलिए अपराधियों ने इसे अपराध के लिए चुना था.
पुलिस को छानबीन में पता चला कि सभी घटनाओं को एक ही गैंग ने अंजाम दिया था. एसपी चन्दन कुमार सिन्हा ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विश्रामपुर एसडीपीओ सुरजीत कुमार और छतरपुर एसडीपीओ अजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था. इसी दौरान बिहार के रोहतास, औरंगाबाद और गया में छापेमारी की गई और आमस थाना के ग्राम लेम्बुआ से घटना में शामिल एक अपराधी धर्मेन्द्र चौधरी को गिरफ्तार किया गया.
इसे भी पढ़ें--- नवाब मलिक Vs समीर वानखेड़े: क्या है आरोप प्रत्यारोप और सफाई? जानें पूरा मामला
आरोपी डकैत धर्मेन्द ने इस कांड में शामिल होना कुबूल कर लिया. उसकी निशानदेही पर डकैती के दौरान लूटा गया समान भी बरामद किया गया है. धर्मेंद्र ने पूछताछ में अपने साथियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है. अब उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए लागातार छापामारी की जा रही है.
ये भी पढ़ेंः