कानपुर के बिकरू कांड के मास्टरमाइंड विकास दुबे के पिता, पत्नी, भाई और उसकी पत्नी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. दरअसल, विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे, पिता रामकुमार, भाई दीपक, भाई की पत्नी अंजली समेत विकास के खास गुर्गों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. सभी पर फर्जी आईडी पर सिम लेने और फर्जी दस्तावेज लगाकर शस्त्र लाइसेंस लेने का आरोप है.
आपको बता दें कि बिकरू कांड की जांच एसआईटी कर रही है. एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ था कि विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे, भाई दीपक, भाई की पत्नी अंजली और पिता रामकुमार समेत विकास के खास गुर्गे फर्जी आईडी पर लिए गए सिम का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ शस्त्र लाइसेंस में फर्जी शपथ-पत्र दिया गया था. एसआईटी की सिफारिश पर चौबेपुर थाने में 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी.
आईजी मोहित अग्रवाल ने आदेश दिया है कि बिकरू कांड में दर्ज की गई एफआईआर की 15 दिनों में विवेचना कर आरोपियों को जेल भेजा जाए. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने 2 जुलाई, 2020 की रात अपने गुर्गो के साथ मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्याकर दी थी. इस घटना के बाद यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे समेत 6 बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था. इसके साथ ही बिकरू हत्याकांड से जुड़े 36 बदमाशों को जेल भेजा जा चुका है.
पुलिस बिकरू हत्याकांड की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है. इसके साथ ही एसआईटी की रिपोर्ट में 37 पुलिसकर्मी भी दोषी पाए गए हैं, जिसमें से 8 पुलिसकर्मियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है. वहीं 6 पुलिसकर्मियों का डिमोशन हो सकता है और 23 पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है.
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आईजी मोहित अग्रवाल ने डीआईजी, एसपी ग्रामीण, एसपी ग्रामीण समेत विभाग के आलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. आईजी मोहित अग्रवाल ने आदेश दिया है कि एसआईटी की जांच में जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश प्राप्त हुए हैं, उनके विरुद्ध 30 दिनों के भीतर विभागीय जांच कर कार्रवाई को पूरा करें.
आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि फर्जी आईडी पर लिए गए सिम का इस्तेमाल करने और शस्त्र लाइसेंस में कूटरचित दस्तावेज लगाकर शपथ पत्र देने के संबध में दर्ज की गई एफआईआर की 15 दिनों में विवेचना को पूरा किया जाए और विवेचना पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेजा जाए.
चौबेपुर थाने में फर्जी शपथ लगाकर शस्त्र लाइसेंस लेने वाले 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें विकास दुबे के पिता रामकुमार, विकास के भाई दीपक दुबे, दीपक दुबे की पत्नी अंजली दुबे, विकास के राईट हैंड विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, छोटे बउवा, दिनेश, रवींद्र, अखिलेश कुमार, शिवा त्रिपाठी का नाम शामिल था. सभी पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.