केरल के कोल्लम में एक स्थानीय अदालत ने बलात्कार के आरोपी अभिनेता-राजनेता मुकेश को गुरुवार को गिरफ्तारी से राहत दे दी. अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह 3 सितंबर तक उन्हें गिरफ्तार न करे. कोल्लम से सीपीआई(एम) विधायक मुकेश ने इससे पहले दिन अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था.
पीटीआई के मुताबिक, केरल पुलिस ने 28 अगस्त को उनके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया था. उस वक्त एक फिल्म अभिनेत्री ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की थी. लेकिन अब मुकेश को अंतरिम राहत देते हुए मुख्य सत्र अदालत ने कहा कि अभिनेता के कानून से भागने की संभावना कम है.
अदालत ने अपने आदेश में कहा, 'इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कि कानून के शिकंजे से भागने की संभावना नहीं है, आईओ (जांच अधिकारी) को निर्देश दिया जाता है कि याचिकाकर्ता को 3 सितंबर तक गिरफ्तार न किया जाए.
यह मामला वर्ष 2010 का है. जिसके चलते बुधवार की रात कोच्चि शहर के मरदु पुलिस स्टेशन में मुकेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. अपनी अग्रिम जमानत याचिका में अभिनेता ने दावा किया कि पीड़िता द्वारा उनके खिलाफ दिया गया बयान दुर्भावनापूर्ण इरादे से था.
मुकेश ने दावा किया कि मामला गलत इरादे से और उनके राजनीतिक और फिल्मी करियर को खराब करने के लिए दर्ज किया गया था. अग्रिम जमानत ऐसे समय में मिली जब विपक्ष विधायक के रूप में मुकेश के इस्तीफे की मांग कर रहा था.
मुकेश, जयसूर्या और सिद्दीकी सहित मलयालम सिनेमा के जाने-माने नामों पर पुलिस ने एक महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है, जिसने न्यायमूर्ति के हेमा समिति के निष्कर्षों के सार्वजनिक होने के बाद आरोप लगाया था. समिति ने मलयालम फिल्म उद्योग में महिला पेशेवरों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण के मामलों का खुलासा किया था.