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लखीमपुर खीरी हिंसाः कोर्ट पहुंचे मारे गए पत्रकार के परिजन, 14 पर नामजद मुकदमे की मांग

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में भड़की हिंसा में मारे गए रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप की याचिका पर सीजेएम कोर्ट में 15 नवंबर को सुनवाई होगी.

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लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए थे आठ लोग (फाइल फोटोः पीटीआई)
लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए थे आठ लोग (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रमन कश्यप के भाई ने सीजेएम कोर्ट में दाखिल की याचिका
  • गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का भी आरोपियों में नाम

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हिंसा भड़क उठी थी. लखीमपुर खीरी में भड़की हिंसा की इस घटना में चार किसानों और एक पत्रकार समेत कुल आठ लोग मारे गए थे. चार किसानों को वाहन से रौंदने की घटना हुई थी जिसका आरोप केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मोनू पर है.

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हिंसा की उस घटना में पत्रकार रमन कश्यप भी मारे गए थे. मारे गए पत्रकार रमन के परिजनों ने अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट में दायर याचिका में पत्रकार रमन के परिजनों ने 14 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप ने एफआईआर दर्ज करने के लिए लखीमपुर की सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की है.

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में भड़की हिंसा में मारे गए रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप की याचिका पर सीजेएम कोर्ट में 15 नवंबर को सुनवाई होगी. रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप की तरफ से की गई शिकायत में 14 लोग नामजद किए गए हैं. नामजद किए गए आरोपियों में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के साथ ही उनके बेटे आशीष मिश्रा मोनू के नाम भी शामिल हैं.

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लखीमपुर खीरी हिंसा में रमन के परिजनों ने जिन 14 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, उनमें धर्मेंद्र बंजारा और रिंकू राणा के नाम भी शामिल हैं जो फरार चल रहे हैं. इनके नाम किसानों ने भी लिए थे जो लखीमपुर क्राइम ब्रांच के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे थे. इनके अलावा सुमित जायसवाल उर्फ मोदी, अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, आशीष पांडेय, लव कुश, शिशुपाल, नंदन सिंह बिष्ट, मोहित त्रिवेदी, शेखर भारती और सत्य प्रकाश त्रिपाठी उर्फ सत्यम के नाम शामिल हैं.

पवन कश्यप की ओर से कोर्ट में दी गई अर्जी में आरोप लगाया गया है कि थार गाड़ी के बाएं पहिए में रमन कश्यप की लाश फंस गई जिसके बाद वो आगे नहीं बढ़ सकी. फॉर्च्यूनर दाहिने से निकलकर भागी थी. इस अर्जी में ये भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने ही आशीष मिश्रा, सुमित जायसवाल उर्फ मोदी समेत सात-आठ लोगों को उग्र भीड़ से बचाते हुए धान के खेत के रास्ते गन्ने के खेत तक छोड़ा था. पुलिसकर्मियों ने किसानों को रोककर आरोपियों को भागने का मौका दिया था.

 

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