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Uttar Pradesh: घर में घुसकर नाबालिग से बलात्कार, 9 साल बाद मिली 10 साल की सजा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक अदालत ने मंगलवार को 28 वर्षीय व्यक्ति को छह साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है.

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अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है.
अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक अदालत ने मंगलवार को 28 वर्षीय व्यक्ति को छह साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है. ये वारदात 9 साल पहले 2 फरवरी, 2016 को हुई थी.

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भरत सिंह यादव ने दोषी नीतीश कुमार आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत सोमवार को दोषी ठहराया था. इसके बाद सजा का ऐलान मंगलवार को किया गया है. जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसको एक महीने का अतिरिक्त सजा होगी.

विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) उत्कर्ष वत्स ने बताया कि नीतीश कुमार ने पीड़ित लड़की के माता-पिता की अनुपस्थिति में उसके घर में प्रवेश किया. इसके बाद उसके कपड़े उतारकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला. पीड़िता का पिता जब बाजार से घर पहुंचा, तो उसने आपबीती उन्हें बताई. 

इसके बाद पीड़िता के पिता ने आरोपी को पकड़ लिया. उसे लोनी पुलिस को सौंप दिया. पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2i), 506 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था. आरोपी को जेल भेज दिया गया था.
 
बताते चलें कि इसी महीने की 15 तारीख को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक स्थानीय अदालत ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के जुर्म में एक व्यक्ति को 20 साल कैद की सजा सुनाई थी. अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पॉक्सो) राकेश कुमार ने अपराधी शिवकुमार उर्फ ​​राहुल पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था.

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, ये घटना अक्टूबर 2023 में हुई थी. राहुल नामक अपराधी पीड़िता का पड़ोसी था. उसने पीड़िता को अपने घर के पास टहलने के लिए बुलाया. वो जब उसके पास पहुंची, तो उसे लेकर सुनसान जगह पर चला गया. वहां उसके साथ बलात्कार किया. उसे जान से मारने की धमकी भी दी.

इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने अपराधी को आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में दाखिल किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया था. उस पर लगाए गए जुर्माने की राशि का 75 प्रतिशत पीड़िता को दिया गया.

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