बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अजीत सिंह की हत्या मामले में लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वारदात के बाद जिस लाल डस्टर कार से शूटर अवध बस अड्डे से भागे थे, पुलिस ने उस कार को बरामद किया. साथ ही हत्याकांड में एक शूटर भी दबोचा गया है. बाकी शूटर की पहचान हो गई है. चारों शूटर आजमगढ़ के रहने वाले हैं.
सूत्रों के मुताबिक, घटना को अंजाम देकर हत्यारे लाल रंग की एसयूवी से फरार हुए थे. सीसीटीवी फुटेज में एसयूवी कार कैद हुई है. हत्यारे कमता बस अड्डे पर बाइक खड़ी करके कार से फरार हुए थे. पुलिस को चकमा देने के लिए हत्यारे बाइक को कमता बस अड्डे पर खड़ी किए थे.
इससे पहले खुलासा हुआ था कि जिन शूटरों ने अजीत सिंह को गोली मारी, उन्होंने तीन दिन तक इसकी रेकी की थी. करीब तीन शूटर तीन दिन पहले ही आजमगढ़ से लखनऊ आए थे, यहां उन्होंने अजीत सिंह की हर मूवमेंट पर नज़र रखी. साथ ही अजीत सिंह के घर, आसपास के इलाकों की रेकी की.
जानकारी के मुताबिक, बीते दिन जब लखनऊ की कठौता झील के पास अजीत सिंह कुछ लोगों के साथ बातचीत कर रहा था. तभी शूटरों ने सही मौका समझा और अजीत सिंह पर गोलियां चला दीं. अजीत सिंह ने तब बचाव की कोशिश की और अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ा, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी.
गौरतलब है कि अजीत सिंह मऊ के ही माफिया कुंटू सिंह का करीबी था. धीरे-धीरे उसकी पहचान मुख्तार अंसारी से भी बढ़ी, कुछ वक्त से अजीत सिंह राजधानी लखनऊ में ही रह रहा था. अजीत सिंह के हत्यारे की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है. लखनऊ से एक शूटर पकड़ा गया है.