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जिस लखनऊ में 15 IPS तैनात, वहां लड़की और बुजुर्ग महिला के साथ गैंगरेप की वारदात!

गैंगरेप के दो मामले सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस पर सवाल उठ रहा है. खासतौर पर उस लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस पर जहां 15 आईपीएस और 33 पीपीएस अधिकारी तैनात हैं. इन अधिकारियों के जिम्मे लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था है, लेकिन गैंगरेप की वारदात को अंजाम दे दिया गया. फिलहाल अभी तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो गैंगरेप की वारदात ने यूपी पुलिस पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. खासतौर पर उस लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस पर जहां 15 आईपीएस और 33 पीपीएस अधिकारी तैनात हैं. इन अधिकारियों के जिम्मे लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था है, लेकिन गैंगरेप की वारदात को अंजाम दे दिया गया.

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पहली वारदात एक लड़की के साथ हुई, जो ट्यूशन के लिए जा रही थी. पीड़िता की माने तो चिनहट फायर स्टेशन के पास घर वापसी के लिए जिस ऑटो में युवती बैठी उसी ऑटो चालक और उसके साथी ने युवती के साथ किया बलात्कार और फिर लावारिस छोड़कर आरोपी फरार हो गए. पीड़िता को आरोपी इकाना स्टेडियम के पास ले गए और वहीं गैंगरेप किया.

पीड़िता को 3 घंटे बाद जब होश आया तो वह ऑटो में थी. एक लड़का उसको दबाकर बैठा था. हुसैडिया के आसपास उसे ऑटो से उसको नीचे से फेंककर आरोपी फरार हो गए. पास में खड़ी 112 की गाड़ी के पुलिस कर्मियों से बदहवासी की हालत में उसने घर जाने के लिए मदद मांगीय घर पहुंचकर आपबीती परिवार वालों को बताई तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई.

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मामला पुलिस के पास गया तो 8 घंटे तक सुशांत गोल्फ सिटी, विभूतिखंड और गोमतीनगर के बीच उलझा रहा, लेकिन अफसरों की फटकार के बाद विभूतिखंड पुलिस ने केस दर्ज किया. पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ऑटो चालक की तलाश शुरू की. पीड़िता ने बताया कि ऑटो चालक और उसके साथी का नाम इमरान और आकाश है.

55 साल की महिला ने लगाया गैंगरेप का आरोप

दूसरी वारदात लखनऊ के गोमती नगर इलाके के एक आश्रम में रहने वाली एक महिला के साथ गैंगरेप की है. 55 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि 13 दिन पहले खाने में नशीला पदार्थ देकर आश्रम के ही 4 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था.  पीड़िता प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में गई थी. जहां उसकी मुलाकात एक महिला से हुई. 

पीड़िता के मुताबिक, वह सावन के महीने में उसके साथ वृंदावन रूकमणि विहार आश्रम गई थी, वहां करीब 20 दिन तक रही. उसने बताया कि महंत हनुमान दास ने उसे बुलाया और लखनऊ के जानकी मंदिर आश्रम चलने को कहा. उसी महिला के साथ पीड़िता भी जानकी मंदिर आश्रम पहुंची. 4 अक्तूबर की रात को पीड़िता को खाने में नशीला पदार्थ मिलाया गया. 

पीड़िता का आरोप है कि खाना खाने के बाद वह बेहोश हो गई, जब उसे होश आया तो उसके कपड़े शरीर पर नहीं थे, वह खड़ी नहीं हो पा रही थी, फिर पीड़िता ने थाने पहुंचकर आपबीती पुलिस को बताई और दुर्वासा, छोटे मौनी, बड़े मौनी मनमोहन दास पर गैंगरेप का आरोप लगाया. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.

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कौन-कौन आईपीएस अधिकारी तैनात हैं?

1. एस.बी. शिराडकर- पुलिस कमिश्नर
2. पीयूष मोर्डिया- जेसीपी (एल एंड ओ)
3. नीलबजा चौधरी- जेसीपी (अपराध और मुख्यालय)
4. शिवसिम्पी चन्नप्पा- डीसीपी वेस्ट
5. राहुल राज- डीसीपी ट्रैफिक
6. रायस अख्तर- डीसीपी (मुख्यालय)
7. अपर्णा रजत कौशिक- डीसीपी (सेंट्रल)
8. प्राची सिंह- डीसीपी पूर्व
9. एस एम कासिम आबिदी- डीसीपी उत्तर
10. सैयद अली अब्बास- एडीसीपी (पूर्व) 
11. अभिजीत आर शंकर- एसपी
12. शशांक सिंह- एएसपी
13. अमित कुमावत- एएसपी
14. प्रमोद कुमार तिवारी- डीसीपी महिला अपराध
15. श्याम नारायण सिंह- डीसीपी (इंटेल सिक्योरिटी)

 

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