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लखनऊः लोन पर ली जगुआर, BMW जैसी कारें, 10 रुपये के स्टांप पर बाहुबलियों को बेच दी

लखनऊ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन पर बैंक से लोन पर ली गई लग्जरी गाड़ियों को बाहुबलियों को बेचने का आरोप है, ताकि बैंक लोन रिकवरी न कर सके.

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पुलिस के हत्थे आरोपी शेख उर्फी और रेहान अहमद.
पुलिस के हत्थे आरोपी शेख उर्फी और रेहान अहमद.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लखनऊ पुलिस के हत्थे चढ़े दो आरोपी
  • बाहुबलियों को गाड़ियां बेचने का आरोप

जगुआर और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियां...करोड़ों का फाइनेंस और फिर गाड़ियों को औने-पौने दाम में शहर के बाहुबलियों को बेचकर बैंक लोन हड़पने का काम. लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग को दबोचा और पूछताछ की तो शहर की तमाम लग्जरी गाड़ियां पुलिस के निशाने पर आ गईं जो रसूखदारो के काफिले में हैं जिनसे गाड़ी ले पाना बैंकों के बूते के बाहर है.

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लखनऊ पुलिस ने विभूति खंड इलाके से जगुआर और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियों के साथ रेहान अहमद और शेख उर्फी अहमद को गिरफ्तार किया है. शेख उर्फी अहमद पेस्टिसाइड एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी में पार्टनर है. कंपनी के सर्वेसर्वा प्रकाश चंद्र छाबड़ा को साल 2018 में असम से एक घोटाले के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. प्रकाश छाबड़ा के जेल जाने के बाद कंपनी के नाम पर फाइनेंस 1 जगुआर, 3 बीएमडब्ल्यू और 1 क्रेटा गाड़ी की बैंक किश्त अटकने लगी. या यूं कहा जाए कि प्रकाश छाबड़ा के समय से ही बैंक में किस्त जाना बंद कर दी गई. प्रकाश चंद्र छाबड़ा जेल चला गया तो कंपनी में 2.5% के मालिक शेख उर्फी ने रेहान की मदद से गाड़ियों को बेचना शुरू कर दिया. 

एडिशनल डीसीपी कासिम आब्दी की मानें तो सभी गाड़ियां शहर के रसूखदार बाहुबलियों को 10 से 15 लाख रुपए में बेच दी गई. पुलिस को बरामद जगुआर गाड़ी लखनऊ के निजी हॉस्पिटल संचालक को बिना किसी लिखा पढ़ी के दे दी गई. जब भी इस गाड़ी की लोन रिकवरी करने पहुंचते तो रसूखदार निजी हॉस्पिटल संचालक लोन रिकवर करने वाली टीम को धमका कर भगा देता.

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दो बीएमडब्ल्यू 10 रुपए के स्टाम्प पेपर पर एक एग्रीमेंट के साथ बेच दी गई कि 20 लाख रुपए में सौदा हुआ है. 5 लाख मिल चुके हैं. जब पूरी रकम दे दी जाएगी, गाड़ी ट्रांसफर होगी, तब तक गाड़ी के मालिक खरीददार होंगे. टाटा मोटर्स, बीएमडब्ल्यू और आईडीएफसी से फाइनेंस हुई कुल 5 गाड़ियों पर उर्फी और उनके साथियों ने दो करोड़ 75 लाख रुपए की चपत लगाई है. 

टाटा मोटर्स के अधिकारी की तहरीर पर दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद लखनऊ पुलिस अब तक मुख्य आरोपी उर्फी और रेहान को गिरफ्तार कर चुकी है. 2 गाड़ियां बरामद हो गई हैं. अभी तीन गाड़ियां बरामद होना बाकी है, लेकिन एडिशनल डीसीपी कासिम आब्दी की मानें तो पूछताछ के दौरान बैंक कर्मियों और जेल गए आरोपियों ने कबूला कि लखनऊ और आसपास के जिलों में दौड़ रही तमाम लग्जरी गाड़ियां ऐसे ही बैंक का लोन हड़प कर बाहुबलियों के पास चल रही हैं. एडिशनल डीसीपी ने अब इस संबंध में टीम बनाकर गहन जांच के आदेश दिए हैं. परिवहन विभाग से लग्जरी गाड़ियां का ब्यौरा मांगा जा रहा है.

 

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