उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मां की हत्या करने वाले 16 साल के लड़के से पुलिस की पूछताछ जारी है. पुलिसिया पूछताछ में वह हर उस सवाल का जवाब दे रहा है, जो हत्या की गुत्थी को सुलझाने में मदद कर रहे हैं. एक सवाल के जवाब में लड़के ने ऐसा जवाब दिया कि पुलिसवाले भी अवाक रह गए. दरअसल लड़के से पुलिसवालों ने पूछा कि मां की हत्या का पछतावा है? तपाक से लड़के ने जवाब दिया- नहीं.
गौरतलब है कि 7 जून यानि मंगलवार को लखनऊ के पीजीआई पुलिस स्टेशन की घंटी बजती है. सामने से एक शख्स बताता है कि वृंदावन कॉलोनी के एक घर में एक लाश पड़ी है. किसी बिजली मैकेनिक ने घर में रहने वाली 40 साल की महिला का क़त्ल कर दिया है. फ़ोन करने वाले ने ये भी बताया कि वो साधना का भाई है और साधना के पति भारतीय सेना में जेसीओ हैं.
बेड पर थी लाश, बाहर थे दोनों बच्चे:
पुलिस की टीम जैसे ही अंदर दाखिल होती है सांस लेना दुश्वार हो जाता है. अंदर तेज़ बदबू थी. घर के अंदर का मंज़र बेहद अजीब था. एक कमरे में बेड पर एक महिला की लाश पड़ी थी, जबकि कमरे के बाहर दो बच्चे थे. एक 16 साल का लड़का और दूसरी 10 साल की उसकी बहन. लाश की हालत देख कर पहली ही नज़र में ये साफ़ हो गया था कि क़त्ल हुए 3-4 दिन हो चुके हैं. लाश की हालत बेहद ख़राब थी.. पुलिस लाश को फ़ौरन अस्पताल भिजवा देती है.
महिला के अलावा इस घर में बस उसके दो ही बच्चे थे. अब लड़के ने पुलिस को कहानी सुनाई और कहा कि सोमवार को एक बिजली वाले अंकल आए थे, मम्मी से उसका झगड़ा हुआ, इसके बाद उसी ने मम्मी को मार दिया. इसके बाद पुलिस ने उस लड़के से कई और सवाल पूछे. आस-प़ड़ोस के लोगों से भी पूछताछ की. इन तमाम पूछताछ के बाद पुलिस को लड़के की बात पर शक हुआ. पड़ोसियों से पूछताछ में लड़के का झूठ सामने आया.
पड़ोसियों को बताया दादी बीमारी हैं:
लड़के ने पड़ोसियों को ये बता रखा था कि मम्मी रविवार को चाचा के घर चली गई, क्योंकि दादी बीमार हैं, जबकि न दादी बीमार थी, ना महिला ससुराल गई थी. इसके अलावा पूछताछ के दौरान पुलिस ने नोटिस किया कि घर में मौजूद 10 साल की बच्ची बेहद डरी सहमी है. बच्ची ने जो बात बताई उसने पुलिस वालों को भी सन्न कर दिया. बहन की बात सुनने के बाद अब लड़के के पास कोई रास्ता नहीं था. इसके बाद उसने पूरी कहानी सुनाई.
16 साल के उस बेटे ने अपने हाथों से अपनी मां के सिर में गोली मारी थी, सिर्फ इसीलिए क्योंकि उसे मां का टोकना, पढ़ने के लिए कहना, मोबाइल से दूर रहने की हिदायत देना.. किसी क़ैद और बंदिश की तरह लगता था.. जबकि वो आज़ादी चाहता था. अब तो उसके बोर्ड का भी इम्तेहान था, लेकिन बेटा पढ़ाई से ज़्यादा मोबाइल में ही उलझा रहता था.
अलमारी से निकाली पिता की रिवॉल्वर:
शनिवार की रात करीब 2 से 3 के दरम्यान वो बिस्तर से उठा और अलमारी खोली. उसे पता था कि उसके पापा का लाइसेंसी रिवॉल्वर अलमारी में कहां रखा होता है. उसने रिवॉल्वर निकाली. इत्तेफ़ाक से रिवॉल्वर अनलॉक था. बेड पर उसकी मां और छोटी बहन गहरी नींद में थे. रिवॉल्वर लेकर वो सोई हुई मां के क़रीब गया और बेहद करीब से सिर पर गोली मार दी. गोली की आवाज़ सुनकर छोटी बहन उठ चुकी थी. मां को खून से लथपथ देख वो रोने लगी.
भाई ने अब बहन को धमकाया और कहा कि अगर उसने किसी से कुछ कहा या रोई चिल्लाई तो वो उसे भी मार देगा. छोटी सी बच्ची सहम गई. इसके बाद वो अपनी बहन को लेकर बराबर के दूसरे कमरे में चला गया. कमरे का दरवाज़ा बंद किया. और सो गया. अगले दिन रविवार था. हर रविवार वो सुबह क्रिकेट खेलने जाया करता था. रविवार सुबह भी अपनी बहन को कमरे में बंद कर वो क्रिकेट खेलने चला गया. वापस आकर फिर पूरे दिन और रात लैपटॉप पर मूवी देखी, मोबाइल पर गेम खेला और फिर बहन के साथ दूसरे कमरे में सो गया.
पड़ोसियों ने ही बच्चों को खिलाया खाना:
पड़ोसियों ने जब नोटिस किया कि महिला घर के बाहर दिखाई नहीं दे रही है तो उन्होंने पूछताछ की. महिला के बेटे ने तब उन्हें कहानी सुनाई की मम्मी चाचा के घर गईं हैं क्योंकि दादी बीमार हैं. इसके बाद अगले दो दिनों तक पड़ोसियों ने ही इन दोनों को खाना खिलाया. पूर दूसरे दिन से अचानक घर में बदबू आने लगी. 16 साल के इस नाबालिग को ये मालूम था कि बदबू कैसे दबाएं. उसने पूरे घर में रूम फ्रेशनर डालना शुरू कर दिया. इससे बदबू कुछ कम हो गई.
लेकिन अब तीन दिन हो चुके थे. गर्मी भी बेहद तेज़ थी. ऐसे में लाश की हालत ख़राब होने लगी. अब बदबू और तेज़ी से फैलने लगी. मंगलवार शाम तक ये हालत हो गई कि घऱ के अंदर सांस लेना भी मुश्किल हो गया. रूम फ्रेशनर भी अब काम नहीं कर पा रहा था. लड़का घबरा गया. उसे लगा कि कहीं पड़ोसी घर के अंदर ना आ जाएं. मां की लाश का राज़ छुपाना अब मुश्किल था. लिहाज़ा मंगलवार की रात उसने आसनसोल अपने पापा को फ़ोन मिलाया.
बिजली मिस्त्री ने मम्मी को मार दिया...
फ़ोन पर लड़के ने कहा कि बिजली मिस्त्री ने मम्मी को मार दिया है. पापा ये सुनकर घबरा गए. उन्होंने तुरंत लखनऊ में अपने भाई को घऱ जाने को कहा. वह घर आए, लाश देखी और पुलिस को फ़ोन किया. पूरी कहानी सुनने के बाद पुलिस ने जब नाबालिग से पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया? उसने कहा कि उसे मां का टोकना, मोबाइल से दूर रहना, गेम खेलने से मना करना, सख़्त नागवार था.