लखनऊ में जिस महिला सिपाही रूचि सिंह चौहान की हत्या हुई, उसकी जिंदगी के कई पन्ने अब खुलते जा रहे हैं. बिजनौर की रहने वाली महिला सिपाही रूचि सिंह की हत्या के बाद पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है और परिवार का सबसे पहला मकसद उसके हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है.
महिला सिपाही रुचि सिंह बिजनौर के नजीबाबाद कस्बे के गांव महावतपुर बिल्लौच की रहने वाली थी. रुचि सिंह के पिता एक साधारण किसान है. उनके पास खेती के लिए 10 से 15 बीघा जमीन है और कुछ जमीन साझेदारी में लेकर उस पर खेती भी करते हैं और पिछले एक साल से वह गांव में गुड़ बनाने कोल्हू चला रहे हैं.
रुचि सिंह अपने परिवार में अकेली बेटी थी. रुचि सिंह के दो भाई और हैं, जिसमें बड़ा भाई अंकित है, जिसकी 2 साल पहले शादी हो चुकी है और वह पिता के साथ खेती और गुड़ बनाने वाले कोल्हू में सहयोग करता है जबकि छोटा भाई शुभम एसआई की तैयारी कर रहा है. रुचि सिंह नजीबाबाद के मूर्ति देवी सरस्वती कॉलेज से पढ़ी.
2019 में ट्रेनिंग के दौरान हुआ था प्यार
यहीं से रूचि सिंह ने महिला सिपाही की भर्ती के लिए परीक्षा दी, जिसमें उसका सिलेक्शन हो गया. 2019 में उसकी ट्रेनिंग मुरादाबाद में हुई और ट्रेनिंग के दौरान ही रुचि सिंह की उसके साथ ट्रेनिंग ले रहे सिपाही नीरज से दोस्ती हो गई. जब बाद में प्यार और फिर शादी में बदल गई. रुचि सिंह 2019 में अपने परिजनों के मर्जी के खिलाफ सिपाही नीरज से शादी की.
एक साल के अंदर ही बिगड़ गए संबंध
रूचि सिंह की शादी से परिवार वाले नाराज हो गए थे और उससे संबंध खत्म कर दिया था. रुचि सिंह का यह रिश्ता सिपाही नीरज से ज्यादा लंबा नहीं चल पाया और 1 साल के अंदर ही दोनों के संबंध बिगड़ गए और फिर तलाक का प्रोसेस शुरू हो गया. रुचि सिंह नीरज से शादी करने के दौरान ही तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव से फेसबुक पर दोस्ती हो गई थी.
रूचि से सिर्फ छोटा भाई ही संपर्क में था
तलाक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद रुचि सिंह तहसीलदार पद्मेश के और अधिक संपर्क में आ गई थी. उसके बाद उसकी पोस्टिंग लखनऊ में हो गई. इन दोनों के बीच की कहानी परिवार में सिर्फ छोटे भाई शुभम को ही पता थी क्योंकि परिवार के अन्य सदस्य रुचि सिंह से संपर्क में नहीं ही रहते थे. छोटा भाई शुभम ही लगातार उसके संपर्क में था.
अब पूरे परिवार का मकसद- हत्यारों को मिले सजा
रूचि सिंह की हत्या होने के बाद लखनऊ से लाश लेने के लिए भी छोटा भाई शुभम ही पहुंचा था, लेकिन अब रुचि सिंह की हत्या के बाद पूरा परिवार एकजुट है और रुचि सिंह के हत्यारों को सजा दिलाने की बात कर रहा है. परिजनों का कहना है कि उनका सबसे पहला मकसद सारे सबूत एकत्र कर तहसीलदार पद्मेश, उसकी पत्नी और हत्यारे को सजा दिलाना है.