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इंदौरः अस्पताल से 139 डेफरेम इंजेक्शन चोरी, रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते 2 अरेस्ट

जानकारों के अनुसार रेमडेसिविर की तरह ही डेफरेम इंजेक्शन काम कराता है. दोनों में एक जैसी ड्रग होती है. तुकोगंज थाने के टीआई कमलेश शर्मा ने बताया है कि आरोपी कर्मचारी भूपेंद्र शैलीवाल के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है.

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आरोपी कर्मचारी के खिलाफ अस्पताल प्रबंधन ने चोरी का मामला दर्ज कराया है
आरोपी कर्मचारी के खिलाफ अस्पताल प्रबंधन ने चोरी का मामला दर्ज कराया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अस्पताल का कर्मचारी ही निकला चोर
  • चुरा कर बेच दिए लाखों के इंजेक्शन
  • अस्पताल ने खुद दर्ज कराई FIR

इंदौर के एक अस्पताल से डेफरेम इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया है. अस्पताल प्रबंधन ने अपनी फार्मेसी के एक कर्मचारी के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है. उसी पर 139 इंजेक्शन चुराने का आरोप है. इस मामले में अस्पताल के 4 अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है. उधर, दूसरी तरफ पुलिस ने शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. 

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मामला इंदौर के शैल्बी अस्पताल का है. जहां 139 डेफरेम इंजेक्शन चुराने के आरोप में अस्पताल प्रबंधन ने फार्मेसी के कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है. इस मामले में 4 अन्य कर्मचारियों भी संदिग्ध हैं. आरोपी ने अप्रैल की शुरुवात में ही 800 का इंजेक्शन 1200 रुपये में बेच दिया था. जब हॉस्पिटल प्रबंधन को इस बात का पता चला तो आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया.

जानकारों के अनुसार रेमडेसिविर की तरह ही डेफरेम इंजेक्शन काम कराता है. दोनों में एक जैसी ड्रग होती है. तुकोगंज थाने के टीआई कमलेश शर्मा ने बताया है कि आरोपी कर्मचारी भूपेंद्र शैलीवाल के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फार्मेसी से 139 डेफरेम के साथ-साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी कर बाजार में खपा दिए. जो इंजेक्शन उसने बेचे हैं, उनकी कीमत करीब 2 लाख है. आरोपी के साथ और भी कई लोग इसमें शामिल हो सकते हैं. मामले की जांच की जा रही है. 

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रेमडेसिविर की कालाबाज़ारी करते दो शख्स गिरफ्तार 
इंदौर की भंवरकुआ पुलिस ने एक मुखबिर की सूचना पर अवैध रूप से रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए दो लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया. पुलिस ने उनके पास से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बरामद किया है. दोनों आरोपी एक मोटरसाइकिल से नौलखा चौराहे से राजीव गांधी चौराहे की तरफ इंजेक्शन बेचने जा रहे थे. 

भंवरकुआ थाने के प्रभारी संतोष दूधी ने अपनी टीम के साथ उनकी घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया. मोटरसाइकिल पर गणेश बिरला और मनोज सोनी सवार थे. दोनों की तलाशी लेने पर उनके पास एक रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुआ. दोनों उसे ऊंचे दामों पर बेचने के लिए जा रहे थे. अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि ये रेमडेसिविर इंजेक्शन वो कहां से लाए और किसे बेचने जा रहे थे. 

 

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