Sarpanch Kidnapping Murder Case: महाराष्ट्र के बीड जिले में कुछ बदमाशों ने एक ग्राम प्रधान को अगवा कर उसकी हत्या कर दी. हत्या खबर जंगल में आग की तरह इलाके में फैल गई. इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़कें जाम कर दीं और जमकर धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
यह सनसनीखेज मामला बीड के मासजोग गांव का है. जहां मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. जरांगे ने चेतावनी दी कि अगर हत्यारों को छोड़ दिया गया तो मराठा समुदाय के सदस्य कानून अपने हाथ में ले लेंगे. क्योंकि मारे गए सरपंच संतोष देशमुख मराठा थे.
पुलिस ने बताया कि 30 साल के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि केज में प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोककर राज्य परिवहन की एक बस को आग लगा दी और पुलिस से भिड़ गए.
दरअसल, सरपंच संतोष देशमुख को सोमवार दोपहर करीब 3 बजे डोंगांव फाटा गांव के पास स्थित एक टोल प्लाजा से अगवा किया गया था. पुलिस ने बताया कि उस वक्त सरपंच संतोष अपने चचेरे भाई शिवराज देशमुख के साथ कार में टोल प्लाजा पार कर रहा था, तभी एक काले रंग का चार पहिया वाहन वहां पहुंचा, जिसमें छह लोग सवार थे.
पुलिस के मुताबिक, उन छह लोगों में से एक ने सरपंच की कार के ड्राइवर की तरफ की खिड़की तोड़ दी, जबकि दूसरे व्यक्ति ने देशमुख को जबरन बाहर निकाला और डंडे से पीटते हुए उसे काली कार में डालकर अपने साथ ले गए. अपहरणकर्ताओं की एक अन्य कार ने फिर काली गाड़ी का पीछा किया. बाद में शिवराज देशमुख ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों के साथ पुरानी दुश्मनी के कारण सरपंच का अपहरण किया गया था.
पीड़ित ने उस व्यक्ति की भी पहचान कर ली, जिसकी वो काली कार थी. एफआईआर के अनुसार, पुलिस ने बाद में कथित कार मालिक और पांच अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत जानबूझकर नुकसान पहुंचाने, स्वेच्छा से रास्ता रोकने और हत्या के इरादे से अपहरण करने का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बताया कि सरपंच की लाश केज तहसील के दैथाना इलाके में मिली.
बीड से एनसीपी (एसपी) के लोकसभा सदस्य बजरंग सोनावणे ने दिल्ली में पीटीआई को बताया कि हालांकि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन यह मानने की गुंजाइश है कि जिला प्रशासन मुख्य अपराधी को पकड़ने के लिए कुछ नहीं कर रहा है. सोनावणे ने कहा कि देशमुख के शव की तस्वीरों से यह स्पष्ट है कि हत्या से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया था. उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि उनके लोग मर रहे हैं. अगर इस तरह का आतंक फैलाया जा रहा है, तो (मराठा) समुदाय को जागना होगा. उन्होंने एक युवा व्यक्ति को खो दिया है, जिसे 'आदर्श' गांव का पुरस्कार मिला था.
बीड के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अविनाश बरगल ने भी मनोज जरांगे से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने कहा कि इस अपहरण और हत्या के मामले की जांच शुरू कर दी गई है. दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए दो टीमें नियुक्त की गई हैं. पड़ोसी जिलों की पुलिस की मदद भी ली जा रही है.
एसपी अविनाश बरगल ने आगे बताया कि पुलिस ने कुछ ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद एक पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) को निलंबित कर दिया है. अगर कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक बस में आग भी लगा दी थी.