दिल्ली में सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी के आरोप में 28 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी खुद को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बताता था. उसने एक परिवार से 8 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है. उसकी पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी सुमित सिंह के रूप में हुई है. उसने सेना के फर्जी दस्तावेज बनाए, लेफ्टिनेंट कर्नल की वर्दी पहनी और पीड़ितों को गुमराह करने के लिए बैज और रबर स्टैंप का इस्तेमाल किया.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सुमित सिंह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई संगीन मामलों में भी शामिल रहा है. इसमें लखनऊ में बलात्कार, धोखाधड़ी का मामला और हरदोई में जालसाजी का मामला शामिल है. मूल रूप से यूपी के जौनपुर का रहने वाला आरोपी सेना के कैंटीन का कार्ड भी हासिल कर चुका था. यहां तक कि रक्षा मंत्रालय के तहत फर्जी भर्ती पत्र भी जारी कर चुका था. महिला वकील की शिकायत पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
उन्होंने आगे बताया, "महिला ने आरोप लगाया है कि सुमित सिंह ने जुलाई 2024 में खुद को सेना अधिकारी के रूप में पेश किया. उसे सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) में कानूनी पद दिलाने का वादा किया था. उसने उसके भाई और पिता को भी इसी तरह की नौकरी की पेशकश की थी. इसके बाद भर्ती की औपचारिकताओं के नाम पर बड़ी रकम ऐंठ ली.'' आरोपी ने आवेदन शुल्क, मेस शुल्क, वर्दी किट और अन्य खर्चों के लिए 8 लाख रुपए ले लिए थे.
आरोपी ने झूठे बहाने से शिकायतकर्ता से 1.6 लाख रुपए का मोबाइल फोन भी ले लिया. पुलिस ने कहा कि सुमित सिंह ने भर्ती पत्रों में हेराफेरी की, झूठी पहचान का इस्तेमाल किया और शिकायतकर्ता पर शादी करने का दबाव भी बनाया. उसकी धोखाधड़ी तब सामने आई जब पीड़ितों ने उसके दावों की दोबारा जांच की और उसके द्वारा दिए गए दस्तावेजों में विसंगतियां पाईं. पुलिस ने आरोपी को बिंदापुर में किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है. उससे भारतीय सेना की दो नकली रबर स्टैम्प, चार लेफ्टिनेंट कर्नल बैज वाली एक सैन्य वर्दी, एक कैंटीन कार्ड, तीन नकली भर्ती पत्र और ठगी के पैसे से खरीदी गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है. पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है. ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने इन पीड़ितों के अलावा किसी और को तो अपना शिकार नहीं बनाया है?