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अहमदाबाद में समलैंगिक की हत्या के 14 साल बाद ऐसे गिरफ्तार हुआ आरोपी पार्टनर

गुजरात के अहमदाबाद में एक समलैंगिक की हत्या के 14 साल बाद उसका पार्टनर गिरफ्तार हुआ है. आरोपी ने अपने समलैंगिक साथी की हत्या करने के बाद उसका शव अपने किराए के घर के किचन में छिपा दिया था. कुछ दिनों बाद बहुत खराब हालत में शव को बरामद किया गया था.

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एक समलैंगिक की हत्या के 14 साल बाद उसका पार्टनर गिरफ्तार हुआ
एक समलैंगिक की हत्या के 14 साल बाद उसका पार्टनर गिरफ्तार हुआ

गुजरात के अहमदाबाद में एक समलैंगिक की हत्या के 14 साल बाद उसका पार्टनर गिरफ्तार हुआ है. आरोपी ने अपने समलैंगिक साथी की हत्या करने के बाद उसका शव अपने किराए के घर के किचन में छिपा दिया था. कुछ दिनों बाद बहुत खराब हालत में शव को बरामद किया गया था. इसके बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी. लेकिन वो चकमा देकर महाराष्ट्र में जाकर छिप गया था. 

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जानकारी के मुताबिक, हत्या की ये वारदात 29 जून, 2010 को हुई थी. आरोपी का नाम रमेश देसाई है. वो अपने समलैंगिक पार्टनर मनीष सहाय के साथ किराए के एक घर में रहता था. वारदात वाले दिन उनके बीच किसी बात को लेकर बहस हुई, जिसके बाद दोनों झगड़ने लगे. इसी दौरान रमेश ने ईंट से वार करके मनीष को मौत की नींद सुला दिया. इसके बाद उसने शव को नंगा करके टेप से चिपका दिया.

फिर शव को कपड़े से लपेट दिया और अपने किराए के घर के किचन सिंक के नीचे रेत और सीमेंट के नीचे छिपा दिया. अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी रमेश देसाई मृतक मनीष सहाय की मोपेड पर भाग गया. आठ साल तक राजस्थान में रहा. इसके बाद में अपनी पहचान बदलकर मुंबई के एक होटल में नौकरी करने लगा. उस समय 34 वर्षीय मनीष का क्षत-विक्षत शव कुछ दिनों बाद बरामद किया गया.

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इस मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने हत्या के कई साल बाद फिर से जांच शुरू की और सुराग जुटाने के लिए अपने सूत्रों को सक्रिय किया. क्राइम ब्रांच ने कहा, "आखिरकार संदिग्ध को अहमदाबाद के पास एक स्थान पर पाया गया, जो मुंबई से राजस्थान के रास्ते में था. पूछताछ करने पर, उसने शुरू में झूठी पहचान बताई, लेकिन बाद में अपनी असली पहचान कबूल कर ली. 

आरोपी रमेश देसाई ने पुलिस को बताया कि उसका मनीष सहाय के साथ समलैंगिक संबंध था. हत्या के दिन, दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके दौरान देसाई ने सहाय पर ईंट से वार किया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया. शव को उसी घर में छिपाने के बाद, देसाई भाग गया और आठ साल तक राजस्थान में रहा. पुलिस ने कहा कि उसने अपना नाम बदल लिया, नए पहचान दस्तावेज बनाए थे.

उसने अपने नए नाम से जीवन बीमा भी कराया था. इसके बाद साल 2017 में वो स्थायी रूप से महाराष्ट्र चला गया. वहां नवी मुंबई के खारघर में एक होटल में सीनियर मैनेजर के रूप में नौकरी करने लगा. लेकिन इस केस की दोबारा जांच कर रही पुलिस टीम ने कड़ियां जोड़ते हुए उसका पता लगा लिया. रमेश किसी काम से राजस्थान जाने वाला था. इसी दौरान जाल बिछाकर पुलिस ने उसे धर दबोचा.

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डीसीपी अजीत राजीयान ने बताया कि आरोपी रमेश देसाई ने बताया कि मृतक मनीष सहाय के साथ उसके समलैंगिक संबंध थे. 26 जून 2010 को वो अहमदाबाद के सेटेलाइट में पंजरी होटल में नौकरी के लिए गया था. दोपहर 3 बजे दोनों अपने कमरे पर लौटे आए. वापस आने के बाद मनीष अपने गुप्त अंगों से छेड़छाड़ करने लगा. इसी दौरान उसने अचानक से मनीष के सीने और प्राइवेट पार्ट पर काट लिया. इसकी वजह से वो जख्मी हो गया. इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हुआ. इस दौरान रमेशन ने ईंट से मनीष के सिर पर वार दिया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. 

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