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उज्जैन में ऑनलाइन सट्टा गैंग का भंडाफोड़, पाउंड और डॉलर समेत 14 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद, 9 गिरफ्तार

आईजी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने मुसद्दीपुरा और 19 ड्रीम कॉलोनी सहित दो से तीन इलाकों में छापेमारी की. इस दौरान टीमों ने 14.58 करोड़ रुपये की नकदी और पाउंड तथा डॉलर सहित सात देशों की मुद्राएं बरामद की हैं.

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पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों से 9 लोगों को गिरफ्तार किया है
पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों से 9 लोगों को गिरफ्तार किया है

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस ने एक बड़ा सट्टा गैंग का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के लोग ऑनलाइन सट्टा लगाने का काम करते थे. अलग-अलग जगहों पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनके कब्जे से 14 करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद की गई है. इस मामले में पुलिस आगे भी छानबीन कर रही है.

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उज्जैन पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को इस मामले में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी के दौरान नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया और 14.58 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं. 
 
असल में पुलिस को टी-20 क्रिकेट विश्व कप और ऑनलाइन गेम पर सट्टा लगाने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिली थी. उज्जैन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) संतोष कुमार सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया 'हमें सूचना मिली थी कि पीयूष चोपड़ा नामक व्यक्ति बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहा है. हमने दो दिनों तक इस सूचना पर काम किया.'

IG संतोष कुमार सिंह ने आगे बताया कि पुलिस टीमों ने गुरुवार की शाम को मुसद्दीपुरा और 19 ड्रीम कॉलोनी सहित दो से तीन इलाकों में छापेमारी की. इस दौरान टीमों ने 14.58 करोड़ रुपये की नकदी और पाउंड तथा डॉलर सहित सात देशों की मुद्राएं बरामद कीं. इसके अलावा 40 से अधिक मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य गैजेट भी जब्त किए गए हैं. 

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पुलिस महानिरीक्षक (IG) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जो एमपी के नीमच और पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. ये लोग इस अवैध गतिविधि में शामिल थे. उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी पीयूष चोपड़ा को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है.

आईजी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, मुख्य आरोपी चोपड़ा कई बार विदेश जा चुका है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने जा रहे हैं कि वह देश छोड़कर न भाग जाए. उन्होंने बताया कि रैकेट के पैमाने को देखते हुए आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य एजेंसियों को भी सूचित किया जाएगा.

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