मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जालसाजों के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. ये जालसाल डुप्लीकेट आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर प्रीमियम कारें और गाड़ियां खरीदा करते थे. इसे बाद में दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे. इस रैकेट के सदस्य मुंबई, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश में सक्रिय थे. इन ठगों ने करीब 7.30 करोड़ रुपए का चूना लगाया है. पुलिस ने सात ठगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मुंबई के बाहर के व्यापारियों के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल किया, फिर डुप्लीकेट पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाया था. इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से फाइनेंस कराकर कारें खरीदते थे. इसके बाद इंजन और चेसिस नंबर बदलकर महंगी कारों को दूसरे राज्यों में बेच देते थे. इस तरह वे बैंक, व्यापारियों और उन लोगों को ठगते, जिनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया होता.
पुलिस ने अब तक 16 कारों को जब्त किया है. इनमें बीएमडब्ल्यू, फॉर्च्यूनर, स्कोडा और मर्सडीज सहित कई महंगी गाड़ियां शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए सात ठगों में से चार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है. तीन आरोपी मुंबई और उपनगरीय इलाके से हैं. इनमें कई गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली के रहने वाले हैं. पुलिस का मानना है कि आने वाले समय में जब्त की जाने वाली कारों की 35 तक पहुंच सकती है.
बताते चलें कि इसी तरह का एक रैकेट उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पकड़ा गया था. इसी महीने पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से फाइनेंस कराकर महंगी गाड़ियां खरीदते और उन्हें बेचल देते थे. उनके पास से तीन स्कॉर्पियो कार बरामद की गई थी. आरोपी ज्यादातर गाड़ियां नेपाल में ले जाकर बेचते थे.
एक पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया था कि 3 फरवरी को खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों पर फाइनेंस कराकर लग्जरी कारें खरीदते और बेचते हैं. इसके बाद इस मामले की जांच के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई. पुलिस ने जिले के मंगराकोहल के पास छापेमारी की थी. इस दौरान तीन आरोपी चंदन जायसवाल (46), लवजोत सिंह (35) और इरफान खान (36) को पकड़ा गया था.