मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में अपनी बीवी को डाक के जरिए खत भेजकर तीन तलाक देने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोपी शौहर ने अपनी बीवी को एक के बाद एक तीन खत भेजे थे, जिसमें उसने तलाक की बात कही थी. इसके बाद पीड़ित बीवी ने आरोपी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
आलोट थाने के हेड कांस्टेबल अमित भावसन ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर रविवार को उज्जैन जिले के घोसला निवासी ईशान सतानिया के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके साथ ही दहेज उत्पीड़न के मद्देनजर आईपीसी की संबंधित धाराएं भी लगाई गई है.
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी की शादी साल 2020 में हुई थी, लेकिन ससुराल वालों ने उसे दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया. इस वजह से परेशान होकर वो अपने माता-पिता के साथ मायके चली गई. इसके बाद आरोपी ने अपनी बीवी को 28 फरवरी, 2 अप्रैल और 8 मई को तीन तलाक देने के लिए डाक से तीन खत भेजे. इससे तंग आकर उसने थाने केस दर्ज कराया है.
बताते चलें कि इसी तरह का एक मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आया था. यहां एक शौहर ने दहेज में बाइक और दो लाख रुपए नहीं मिलने पर अपनी बीवी को तलाक देकर घर से निकाल दिया था. इससे पहले उसके साथ मारपीट भी की गई. यह मामला लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र का है. पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी निकाह के बाद दहेज की मांग किया करता था.
पीड़िता के मायके पक्ष की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, ऐसे में वो अपने शौहर की मांग को पूरा न कर सकी. इसके चलते उसने अपनी पत्नी को तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर उसे घर से बेघर कर दिया. इस बाबत पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया. पीड़िता ने बताया कि उसका निकाह साल 2019 में दुबग्गा के रहने वाले मुजीब अहमद से हुआ था.
मदेयगंज एसएचओ राजेश सिंह ने बताया था कि इस मामले को पहले मध्यस्थता के जरिए हल करने का प्रयास किया गया. लेकिन प्रयास असफल रहा. इसके कारण पीड़ित महिला की शिकायत पर आईपीसी की धारा 498, 323, 313, 504, 506 और 3/4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी शौहर के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया था.