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UP: प्रैक्टिकल के लिए हाई स्कूल की 17 छात्राओं को रात में रोका, टीचर पर छेड़छाड़ का आरोप

आरोपी टीचर ने प्रैक्टिकल के नाम पर 17 छात्राओं को रात में स्कूल में रोककर खाने में नशीला पदार्थ देने के बाद छेड़छाड़ और अश्लीलता की हदें पार कर दी. आरोपी टीचर ने मुंह खोलने पर छात्राओं को फेल करने की धमकी भी दी थी.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फेल करने की धमकी दे रहा था टीचर
  • आरोपी टीचर के खिलाफ केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक टीचर पर हाई स्कूल की 17 छात्राओं को नशीला पदार्थ देकर स्कूल में अश्लीलता करते हुए छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है. आरोपी टीचर ने प्रैक्टिकल के नाम पर 17 छात्राओं को रात में स्कूल में रोककर खाने में नशीला पदार्थ देने के बाद छेड़छाड़ और अश्लीलता की हदें पार कर दी.

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साथ ही आरोप ये भी है कि आरोपी टीचर ने मुंह खोलने पर छात्राओं को फेल करने की धमकी भी दी थी. इस सनसनीखेज़ मामले में दो पीड़ित छात्राओं ने जब अपने परिजनों के साथ एसएसपी से मामले की शिकायत की तो पुलिस हरक़त में आई और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.

क्या है मामला 

पुरकाजी थानाक्षेत्र के तुगलपुर कम्हेड़ा गांव के एक स्कूल का मामला है. हाई स्कूल की 17 छात्राओं को प्रैक्टिकल के बहाने 18 नवंबर को पुरकाजी के GGS इंटरनेशनल एकेडमी स्कूल में लाया गया था. छात्राओं का आरोप है कि स्कूल संचालक अर्जुन सिंह ने उन्हें खाने में नशीला पदार्थ देकर अश्लील हरकत करने के साथ साथ छेड़छाड़ की.

हाई स्कूल की 17 छात्राओं से हुई सामूहिक अश्लीलता के इस सनसनीखेज मामले को पुरकाजी पुलिस पिछले 5 दिनों से शिकायत के बावजूद भी दबाने में लगी हुई थी, लेकिन पीड़ित दो छात्राओं ने परिवार के साथ एसएसपी को मामले की शिकायत की तो पुलिस अधिकारियों ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुरकाजी इंपेक्टर विनोद कुमार को लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर करते हुए मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाई के आदेश दिए है.

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बहरहाल पुलिस ने पीड़ित छात्राओं के परिजन की तहरीर पर दोनों स्कूलों के संचालक योगेश और अर्जुन सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 328,354, 506 के साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की 7 व 8 में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी.

 

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