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नैन्नी डॉस (Nannie Doss) का जन्म 4 नवंबर 1905 के दिन अलबामा (Alabana) के ब्लू माउंटेन में हुआ जो कि अब अनिस्टन का एक हिस्सा है. उसके माता-पिता का नाम लूइसा (Louisa) और जेम्स एफ. हेजल (James F. Hazel) था. नैन्नी के चार भाई बहन और भी थे. जिनमें एक भाई और तीन बहनें शामिल थीं.
लेकिन नैन्नी और उसकी मां लूइसा पिता जेम्स से काफी नफरत करते थे. क्योंकि वो उन लोगों से अक्सर झगड़ा करता और गालियां देता था. जेम्स चाहता था कि उसकी बीवी और बच्चे वही करें जो वो चाहता है. उसने अपने सभी बच्चों का स्कूल (School) तक जाना छुड़वा दिया था. क्योंकि एक बार नैन्नी के स्कूल में पढ़ाई के दौरान काफी कम नंबर आए थे. वो पढ़ाई में काफी ढीली थी. लेकिन उसके चक्कर में जेम्स ने बाकी बच्चों का भी स्कूल जाना बंद करवा दिया. यहां तक कि वह बच्चों को ऐसे कपड़े पहनने को कहता था जिसमें लोग उनकी तरफ आकर्षित न हों. वह उन्हें सोशल इवेन्ट्स और पार्टियों में भी नहीं जाने देता था.
जब नैन्नी महज 7 साल की थी, तो एक दिन वह परिवार के साथ रिश्तेदारों से मिलने दक्षिणी अलबामा (South Alabana) जा रही थी. पूरा परिवार ट्रेन में सफर कर रहा था. इस दौरान ट्रेन अचानक एक स्टेशन पर रुकी तो नैन्नी का सिर सीट के सामने पट्टी से जा टकराया. इस कारण उसे काफी चोट आई. नतीजा ये रहा कि वह सालों तक सिरदर्द, ब्लैकआउट और अवसाद से जूझती रही.
दिन बीतते रहे फिर 1921 में नैन्नी ने पिता के कहने पर चार्ली ब्रैग्स (Charley Braggs) नामक शख्स से शादी कर ली. दरअसल, नैन्नी चार्ली को जानती थी. उनके बीच अफेयर शुरू हुआ और नैन्नी के पिता को इस बात की भनक लग गई. फिर उसके पिता ने ही अफेयर के महज 4 महीने बाद नैन्नी की चार्ली से शादी करवा दी. लेकिन ये शादी ज्यादा समय तक नहीं चल सकी. दरअसल, नैन्नी का पति उसे खुद के पास न रखकर अपनी मां के पास ज्यादा रखता था. और चार्ली की मां हमेशा उस पर हुकुम चलाती थी. वहीं नैनी ने ये भी बताया था कि जब उसकी मां उससे मिलने ससुराल आती थी तो चार्ली उन्हें कभी भी घर में रुकने नहीं देता था.
ऐसे हुआ पहले पति से तलाक
इस शादी से नैन्नी को चार बेटियां हुईं. चार्ली और उसकी मां के बर्ताव से वह इतना परेशान हो गई थी कि उसने नशा करना शुरू कर दिया था. साल 1927 में फूड पॉइजनिंग के कारण नैन्नी की दो बेटियों की मौत हो गई. पति-पत्नी के झगड़े तब भी खत्म नहीं हुए. फिर अचानक एक दिन चार्ली भी बिना बताए बड़ी बेटी मेल्विना को लेकर न जाने कहां चला गया. पीछे बस नैन्नी, उसकी नवजात फ्लोरीन और सास ही रह गईं. पेट पालने के लिए नैन्नी ने कॉटन मिल में नौकरी करना शुरू किया. साल 1928 में अचानक से चार्ली बेटी मेल्विना को लेकर वापस आया. लेकिन कुछ समय अच्छे से रहने के बाद दोनों के बीच फिर से झगड़े होने लगे. तो उन्होंने जल्द ही तलाक ले लिया. इसके बाद नैनी दोनों बेटियों को लेकर अपनी मां के पास आ गई.
रॉबर्ट फ्रैंकलिन से की दूसरी शादी
दिन बीते और साल 1929 में नैन्नी ने रॉबर्ट फ्रैंकलिन हैरलसन (Robert Franklin Harrelson) से दूसरी शादी कर ली. फिर वह दोनों बेटियों के साथ जैक्कसनविले में रॉबर्ट के घर पर रहने लगी. कुछ समय बाद नैन्नी ने पाया कि रॉबर्ट नशे का आदी है और उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है. इसे लेकर दोनों के बीच अक्सर लड़ाई रहने लगी. फिर भी वे दोनों 16 साल साथ में रहे और बाद में उन्होंने तलाक ले लिया.
मेल्विना के बेटे की मौत
वहीं, नैन्नी की बेटी मेल्विना भी अब बड़ी हो चुकी थी. उसने एक सेना के जवान को डेट करना शुरू किया. लेकिन नैन्नी को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. बावजूद इसके मेल्विना ने सेना के जवान से शादी की और 1943 में रॉबर्ट ली हेन्स (Robert Lee Haynes) को जन्म दिया. फिर दो साल बाद भी उसे एक और बच्चा हुआ था, लेकिन पैदा होते ही उसकी मौत हो गई. उस समय मेल्विना को अपनी ही मां नैन्नी पर शक हुआ. क्योंकि जब उसका बच्चा पैदा हुआ था तो नैन्नी हाथ में हैटपिन लिए उस कमरे में घुसी थी, जहां बच्चे को सुलाया गया था. फिर जब वह बाहर आई तो उसी ने सबको बताया कि मेल्विना का बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में मर गया है.
पोते को पैसों के लिए मार डाला
इस बात को लेकर अब कहीं न कहीं मेल्विना के उसकी मां नैन्नी से झगड़े होने लगे. फिर भी नैन्नी उसे यही कहती कि मेल्विना से कहती कि उसने उसके बच्चे को नहीं मारा है. 7 जुलाई 1945 के दिन मेल्विना अपने बेटे रॉबर्ट को नैन्नी के पास छोड़कर कहीं काम से गई थी. फिर जब वह लौटी तो उसे पता चला कि रॉबर्ट की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. पुलिस को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने रॉबर्ट का पोस्टमार्टम करवाया तो उसमें पता चला कि सांस न आने के कारण रॉबर्ट की मौत हुई है.
लेकिन तब इस मामले को पुलिस ने भी गंभीरता से नहीं लिया और केस को वहीं बंद कर दिया गया. अगर पुलिस इस केस को गंभीरता से लेती तो शायद नैन्नी की पोल यहीं खुल जाती. क्योंकि रॉबर्ट की मौत के दो महीने बाद ही नैन्नी उस बीमा ऑफिस में पहुंची थी, जहां रॉबर्ट का बीमा करवाया गया था. उसने बीमा की रकम (500 यूएस डॉलर) को अपने पास रख लिया.
दूसरे पति को मार डाला
नैन्नी की जिंदगी इसी तरह कट रही थी कि तभी 1945 में हैरलसन एक दिन अचानक नैन्नी से मिलने पहुंचा. यहां उसने नैन्नी से लड़ाई की और उसका रेप कर दिया. नैन्नी भी अब हैरलसन से बदला लेना चाहती थी. इसलिए उसने पहले तो हैरलसन को कुछ नहीं कहा. ऐसा दिखाया जैसे सब कुछ नॉर्मल है. लेकिन अगले ही दिन उसने हैरलसन की शराब की बोतल में चूहे मारने की दवा डाल दी. जिसे पीकर हैरलसन की मौत हो गई.
अर्ली लैनिंग से की तीसरी शादी
फिर दिन बीते और इसी बीच नैन्नी की मुलाकात नॉर्थ कैरोलिना में लेक्सिंगटन शहर के रहने वाले अर्ली लैनिंग (Arlie Lanning) नामक शख्स से हुई. उसने तीन दिन की मुलाकात के बाद ही अर्ली से शादी कर ली. कुछ दिन तो सब कुछ सही चला लेकिन अर्ली से भी अब उसका झगड़ा होना शुरू हो गया. अर्ली को भी शराब पीने की लत थी और वह शराब पीने के बाद नैन्नी से मारपीट करता था. तंग आकर नैन्नी कुछ दिन के लिए उसे छोड़कर कहीं चली गई. लेकिन फिर एक दिन अचानक वह वापस आई.
पति-पत्नी के झगड़े के बारे में आस-पड़ोस के लोगों को भी पता था. लोगों को लगा कि शायद इस बार दोनों के बीच सब कुछ सही हो जाए. लेकिन कुछ ही दिन के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक से अर्ली की मौत हो गई. नैन्नी ने सभी को बताया कि हार्ट फेलियर से अर्ली की मौत हो गई है. लोगों ने भी उसकी बात पर यकीन कर लिया.
सास को भी मार डाला
नैन्नी ने फिर अर्ली के बीमा की रकम को भी हड़प लिया. अब घर में बची थी सिर्फ उसकी सास. सास की भी कुछ ही समय बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. तब नैन्नी ने सबको बताया कि वो काफी बूढ़ी हो गई थीं, इसलिए नींद में ही उनकी न जाने कैसे मौत हो गई. हैरानी की बात ये थी कि लोगों ने उसकी इस बात पर भी यकीन कर लिया. फिर नैन्नी नॉर्थ कैलिफोर्निया से शिफ्ट होकर अपनी बहन डोवी के पास आ गई. जो कि अपाहिज थी. थोड़ा समय वहां बिताने के बाद डोवी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. तब भी नैनी ने लोगों को यही कहा कि उसकी बहन की बीमारी से मौत हुई है. अब डोवी के घर में नैनी ही अकेली रह रही थी.
रिचर्ड एल मोर्टन से हुई चौथी शादी
नैनी यहां ही नहीं रुकी. अब उसने चौथे पति की तलाश शुरू कर दी. फिर उसकी मुलाकात डेटिंग सर्विस (डायमंड सर्किल क्लब) के जरिए जेम्सटाउन के रिचर्ड एल मोर्टन (Richard L. Morton) से हुई. दोनों ने कंसास के एंपोरिया शहर में 1952 के दिन शादी कर ली. रिचर्ड नशा नहीं करता था लेकिन उसे अन्य महिलाओं के साथ सेक्स करने की बुरी लत थी. इस बात को लेकर दोनों में खूब लड़ाई झगड़े होते थे. साल बीता और जनवरी 1953 में नैन्नी की मां भी उनके साथ रहने आ गई. इस बात से नैन्नी को और भी परेशानी होने लगी. उसे अपनी मां का साथ में रहना पसंद नहीं आ रहा था.
इसलिए पहले उसने अपनी मां लूइसा को जहर देकर मार डाला. फिर तीन महीने बाद 19 मई 1953 को रिचर्ड की भी जहर देकर हत्या कर दी. रिचर्ड की हत्या के बाद उसने सभी को यही जताया कि यह एक नेचुरल डेथ है. जिसके बाद उसने रिचर्ड के बीमा का पैसा भी हड़प लिया.
सैमुअल डोस से की पांचवीं शादी
नैन्नी को पैसों को चस्का लग चुका था. इसलिए उसने अब एक और पति की तलाश शुरू कर दी. फिर उसकी मुलाकात ओकलाहोमा में टुलसा शहर के सैमुअल डोस (Samuel Doss) से हुई. रिचर्ड की मौत के महज एक महीने बाद ही नैन्नी ने जून 1953 में सैमुअल से शादी कर ली. सैमुअल के माता-पिता नहीं थे. वह अकेला ही रहता था. नैन्नी को पाकर उसे लगा था कि अब वही उसकी जिंदगी है. लेकिन उसे नहीं पता था कि नैन्नी के दिमाग में क्या चल रहा है.
जहर देकर सैमुअल को मार डाला
दरअसल, नैन्नी उसे भी पैसों के लिए मार देना चाहती थी. उसने किया भी ऐसा ही. उसने सितंबर 1954 को सैमुअल के खाने में जहर मिलाकर दे दिया. सैमुअल की अचानक से तबियत बिगड़ी तो उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया. वहां उसका इलाज चला और 5 अक्टूबर 1954 को उसे अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया. नैन्नी को लगा था कि सैमुअल मर जाएगा. लेकिन वह बच गया था. इसलिए नैन्नी ने उसे घर पर ही दोबारा जहर देकर मार डाला. फिर तुरंत सैमुअल की जीवन बीमा पॉलिसी के पैसे लेने दफ्तर पहुंच गई. वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने सैमुअल का पोस्टमार्टम करवाया तो पता चला कि उसे जानबूझकर जहर देकर मारा गया है. पुलिस का सीधा शक नैन्नी पर गया.
10 साल बाद जेल में हो गई मौत
उन्होंने बिना देर किए नैन्नी को गिरफ्तार कर लिया. पहले तो नैन्नी पुलिस को गुमराह करती रही. लेकिन सख्ती से पूछताछ में नैन्नी ने गुनाह कबूल लिया. साथ ही ये भी पुलिस को बताया कि उसने 11 लोगों की हत्या की है. नैन्नी ने यह भी बताया कि उसने ये सभी कत्ल बीमा के रुपये हड़पने के लिए किए थे. कोर्ट (Court) में नैनी को पेश किया गया. सजा से बचने के लिए नैन्नी ने कोर्ट को बताया कि बचपन में जो सिर पर उसे चोट लगी थी, उसके कारण वह परेशान रहती थी. इसलिए उसे गुस्सा बहुत जल्द आ जाता था. The Sun के मुताबिक, नैनी को चार पति, मां, सास, बहन और पोते की हत्या का दोषी पाया गया. हालांकि, नैन्नी पर उसकी दो बेटियों और दूसरे पोते की मौत का भी आरोप लगा था. लेकिन नैन्नी को कोर्ट ने 8 मौतों का जिम्मेदार ठहराते हुए 17 मई 1955 के दिन आजीवन कारावास की सजा सुनाई. 10 साल बाद जेल में ही उसकी ल्यूकेमिया नामक बीमारी से मौत हो गई.
(फोटो सौ./ फेसबुक/ Ash at Home)