बीजापुर में चार दिन पहले नक्सलियों ने डीआरजी के जवान एसआई मुरली ताती का अपहरण कर लिया था. ये घटना थाना पालनार क्षेत्र की है. बुधवार शाम चार बजे एसआई का अपहरण करने के बाद नक्सली जवान को जंगलों की तरफ ले गए. इस अपहरण के बाद एसआई की तलाश की जा रही थी. वहीं एसआई की पत्नी को जब इसकी सूचना मिली, तो उनके होश उड़ गए. पति की रिहाई के लिए उन्होंने नक्सलियों से अपील की, लेकिन नक्सलियों का दिल नहीं पसीजा. इसके बाद एसआई का शव कुमसुम पारा में मिला.
बीजापुर में अपहरण के चार दिन बाद नक्सलियों ने एसआई मुरली ताती की हत्या कर दी. बुधवार की शाम 4:00 बजे के करीब गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार में एसआई का नक्सलिकयों ने अपहरण कर लिया था और अपने साथ जंगल में ले गए थे. एसआई की पत्नी और भाई ने नक्सलियों से बिना शर्त जवान को रिहा करने की अपील की, मगर नक्सलियों का दिल नहीं पसीजा और जवान की हत्या कर दी.
नक्सलियों ने एसआई का शव गंगालूर के कुमसुम पारा में फेंक दिया. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई. शव के पास एक पर्चा भी फेंका गया है, जिसमें नक्सलियों ने लिखा है कि मुरली ताती वर्ष 2006 से सलवा जुडूम के समय से अब तक डीआरजी में पदस्थ रहे.
बता दें कि जगदलपुर में पदस्थ एसआई मुरली ताती छुट्टी लेकर अपने गांव में डेढ़ महीने से रह रहे थे. बुधवार को पालनार इलाके में आयोजित मेले में वह घूमने गए हुए थे. इसी दौरान नक्सलियों ने उन्हें अगवाकर लिया. एसआई मुरली ताती पहले नक्सलियों के साथ थे, बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया था. समर्पण के बाद जिला बल में भर्ती हुए थे. नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए बड़े-बड़े अभियान उन्हीं की निशानदेही पर हुए, जिसमें बीजापुर पुलिस को बड़ी सफलताएं मिलीं थीं. इसीलिए मुरली ताती नक्सलियों के हिट लिस्ट में थे और मौका मिलते ही उनका अपहरण कर लिया गया.
(Input-धर्मेंद्र महापात्रा)