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झारखंड: पलामू में JJMP के कुख्यात एरिया कमांडर अरविंद राम समेत 6 उग्रवादी गिरफ्तार

जेजेएमपी के एरिया कमांडर अरविंद राम झारखंड के साथ साथ बिहार पुलिस के लिए भी बड़ी मुसीबत बना हुआ था. एक तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को अरविंद राम और उसके 5 साथियों तक पहुंचने में तकरीबन 10 घंटे का समय लगा.

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arrest
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • अरविंद का आपराधिक इतिहास काफी लंबा
  • जेवरात चोरी मामले में जा चुका जेल

बिहार और झारखंड पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके जेजेएमपी के एरिया कमांडर अरविंद राम और उसके पांच सहयोगियों को पुलिस ने हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है. पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन सिन्हा ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि बिहार की औरंगाबाद पुलिस एवं पलामू पुलिस, दोनों मिलकर बेहतर काम कर रही हैं. दोनों राज्यों की पुलिस में बेहतर समन्वय का ही नतीजा है कि अरविंद राम जैसा कुख्यात नक्सली गिरफ्तार हुआ है. 

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उन्होंने बताया कि अभियान में हुसैनाबाद पुलिस के अलावा 29वीं वाहिनी एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) दोनों मिलकर क्षेत्र में तालाशी अभियान चला रहे थे. इसी बीच सूचना मिली कि हुसौनाबाद थाने के कोलडीह गांव के पास प्रतिबंधित जेजेएमपी के उग्रवादी कुख्यात एरिया कमांडार के साथ जमा हैं और स्व. मनोज सिंह की ईंट भट्टी के इर्द गिर्द घूम रहे हैं. 

एसपी ने बताया कि पुलिस को इन तक पहुंचने में तकरीबन 10 घंटे का समय लगा. पुलिस ने इन्हें सरसों के खेत में छिपे देखा और घेरकर सरेंडर करने को कहा. अपने को घिरा देख सभी उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए और आत्मसमर्पण कर दिया. 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एरिया कमांडर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है. बिहार के अलावा झारखंड में हुसैनाबाद थाने में इस पर कुल 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद राम का आंतक इतना था कि उसने अपनी शादी में 50 फोर व्हीलर गाड़ियां बगैर किराये के लगाईं थी और वो भी काले और सफेद रंग की स्कॉर्पियो.

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पुलिस अधीक्षक ने दावा किया है कि पलामू से जेजेएमी का अस्तित्व समाप्त हो चुका है. गिरफ्तार उग्रवादी इतना निर्दयी था कि वह खेत में काम करने वाले किसानों से भी लेवी वसूलता था. अरविंद, जेवरात चोरी मामले में 2012-15 तक जयपुर जेल में रहा है.  2015-16 में ये माओवादी बन गया. फिर माओवाद से अलग होकर इसने लूटपाट शुरू कर दी. 

उन्होंने कहा कि दूसरा गिरफ्तार उग्रवादी काशी तेंदूआ, थाना नवीनगर, जिला औरंगाबाद का रहने वाला संजय कुमार है. वह पहले पीपुल्सवार ग्रुप का सदस्य था. बिहार से ये अपराधी आकर ईंट भट्टी के मालिकों और ठीकेदारों से लेवी वसूला करते थे. इनके पास से एक देसी राइफल, दो देसी कट्टे, दस जिंदा गोली, सात पीस मोबाइल बरामद हुए हैं. अन्य गिरफ्तार नक्सलियों में कृष्णा यादव, मनोज चौहान, अजय कुमार यादव, परमात्मा राम शामिल हैं. ये सभी नवीनगर थाना औरंगाबाद के रहने वाले हैं. 

छापामारी अभियान में हुसैनाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी पूज्य प्रकाश, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट ज्ञानेन्द्र कुमार, हुसैनाबाद के थाना प्रभारी अजय कुमार, एसएसबी के पुलिस निरीक्षक लोकेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक कुणाल कुमार, सहायक अवर निरीक्षक वीर बहादुर सिंह, सहायक अवसर निरीक्षक अशोक कुमार महतो, टंडवा थाना, औरंगाबाद सहित एक दर्जन आरक्षी शामिल थे.

 

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