scorecardresearch
 

कोटा में NEET कैंडिडेट ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, 42 दिनों में सुसाइड का 7वां केस

राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में खुदकुशी के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. मंगलवार को 18 वर्षीय NEET कैंडिडेट ने पीजी रूम में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मृतक का नाम अंकुश मीना था, जो कि सवाई माधोपुर का रहने वाला था.

Advertisement
X
कोचिंग हब कोटा में खुदकुशी के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं.
कोचिंग हब कोटा में खुदकुशी के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं.

राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में खुदकुशी के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. मंगलवार को 18 वर्षीय NEET कैंडिडेट ने पीजी रूम में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मृतक का नाम अंकुश मीना था, जो कि सवाई माधोपुर का रहने वाला था. इस मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस जांच कर रही है.

Advertisement

दादाबाड़ी थाने के सर्किल इंस्पेक्टर मेंगे लाल यादव ने बताया कि अंकुश मीना डेढ़ साल से कोटा में नीट (NEET-UG) की तैयारी कर रहा था. वो प्रताप नगर में एक पीजी रूम में रह रहा था. मंगलवार सुबह उसके एक चचेरे भाई ने उसे पंखे से लटका हुआ पाया, जो उसी मोहल्ले में रहता है. उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. शुरूआती जांच में प्रेम प्रसंग की वजह से आत्महत्या की बात सामने आ रही है.
 
हेड कांस्टेबल जितेंद्र ने बताया कि इस मामले में बीएनएसएस अधिनियम की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया गया है. आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम प्रताप नगर स्थित पीजी पहुंची. मृतक अंकुश पढ़ाई में तेज था. उसने अपने संस्थान में नियमित परीक्षाओं में 480 अंक प्राप्त किए थे. उसमें पढ़ाई को लेकर तनाव के कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए थे. उसके परिवार के सदस्य सूचना मिलने पर पहुंचे हैं. 

Advertisement

42 दिनों में ये खुदकुशी का सातवां केस

मृतक के चाचा ने पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर बताया कि उसने मंगलवार की सुबह करीब 8 बजे अपने पिता को भी फोन किया था. लेकिन उसे किसी तरह के तनाव की कोई बात नहीं बताई थी. कोचिंग हब के रूप में मशहूर शहर में इस साल बीते 42 दिनों में ये खुदकुशी का सातवां केस है. अकेले जनवरी में छह कोचिंग छात्रों, पांच जेईई और एक एनईईटी ने आत्महत्या कर ली थी. साल 2024 में 17 कोचिंग छात्रों ने खुदकुशी की थी.

इससे पहले कब और किसने की खुदकुशी 

7 जनवरी: महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के नीरज जाट ने हॉस्टल में सुसाइड किया. वो जेईई की तैयारी कर रहा था.  

8 जनवरी: गुना (मध्य प्रदेश) के अभिषेक ने अपने पीजी में पंखे से लटक कर जान दे दी. वो भी जेईई की तैयारी कर रहा था.

16 जनवरी: जेईई की तैयारी कर रहे उड़ीसा के अभिजीत गिरी ने हॉस्टल में आत्महत्या कर ली. 

17 जनवरी: बूंदी (राजस्थान) के एक छात्र ने खिड़की के कुंडे से लटककर सुसाइड कर लिया. 

22 जनवरी: अहमदाबाद एक नीट एस्पिरेंट और एक जेईई एस्पिरेंट ने सुसाइड कर लिया.

क्या मानसिक दबाव है खुदकुशी का कारण? 

कोटा छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव के कारण चर्चा में रहता है. छात्रों की आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या ने कोचिंग उद्योग और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है. छात्रों पर बढ़ते मानसिक और शैक्षणिक दबाव को कम करने के लिए कोचिंग संस्थानों, माता-पिता और प्रशासन को मिलकर समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है. ये घटनाएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की गंभीर आवश्यकता को दर्शाती हैं. 

Advertisement

नोट:- (यदि आपके या किसी परिचित के मन में खुदकुशी का ख्याल आता है, तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

Live TV

TOPICS:
Advertisement
Advertisement