बिहार में व्यापारियों से जबरन वसूली और हिंसक नक्सली विचारधारा का प्रचार करने के एक आरोप में एक नक्सली के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दायर की है. एक विशेष अदालत में आरोपी अनिल यादव उर्फ छोटा संदीप के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई है.
जबरन वसूली करने का आरोपी अनिल यादव औरंगाबाद जिले का है. वो सीपीआई (माओवादी) कैडर से संबंध रखता है. इस प्रतिबंधित संगठन के द्वारा मगध क्षेत्र में नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के संबंध में पहले भी चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है.
एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य छोटा संदीप प्रतिबंधित संगठन की हिंसक विचारधारा का प्रचार करने में शामिल था. इसका उद्देश्य लोगों को इस संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था.
यह भी आरोप है कि वो अन्य आरोपितों रोहित राय, प्रमोद यादव, प्रमोद मिश्रा और अनिल यादव उर्फ अंकुश के साथ मिलकर स्थानीय ईंट भट्ठा मालिकों और ठेकेदारों से लेवी वसूल कर धन जुटाता था. छोटा संदीप के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड का भी पता चला है.
उसके खिलाफ औरंगाबाद और गया जिलों के थानों में चार मामले दर्ज हैं. एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी ने 8 जून 2023 को औरंगाबाद के माही गांव में एक बैठक की थी, जिसका उद्देश्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों, ठेकेदारों, टोल प्लाजा और अन्य संस्थाओं से लेवी वसूलना था.
बताते चलें कि बिहार के कई जिलों में नक्सली सक्रिय हैं. औरंगाबाद, गया, पुर्णिया और मुंगेर जैसे जिलों में नक्सली गतिविधियां देखने को मिलती है. इसी साल फरवरी में मुंगेर में एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
मौके से पुलिस ने भारी तादात में असलाह बरामद किया था. इसके साथ ही 10 अर्धनिर्मित पिस्टल, मैग्जीन समेत कई बड़े हथियार बनाने वाले उपकरण भी जब्त किए थे. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शामपुर थाना इलाके के जालकुंड पहाड़ी जंगली इलाके में अवैध मिनी गन की फैक्ट्री चल रही है.
इसके बाद एसटीएफ, एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ किया गया. पुलिस ने 8 अर्धनिर्मित और 2 डमी पिस्टल, भारी मात्रा में मैगजीन, बेस मशीन सहित हथियार बनाने के उपक्रम बरामद किए. मौके से आकाश मांझी और बल्लू मांझी को गिरफ्तार किया गया.