बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में NIA ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने कोलकाता की कोर्ट में पेश कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु ले आई. दोनों आरोपियों को जांच और पूछताछ के बाद फिर से शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया है.
अब जानकारी आ रही है कि अब दोनों आरोपियों से पूछताछ करेगी आरोपियों को विस्फोट स्थल पर ले जाकर जल्द ही स्पॉट इंक्वायरी की जाएगी. साथ ही आरोपियों को उस जगह भी ले जाया जाएगा, जहां वो बेंगलुरु और चेन्नई में रुके थे. वहीं, इस मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रतिक्रिया देते हुए एनआईए और कर्नाटक पुलिस को धन्यवाद दिया है.
बार-बार बदल रहे थे लोकेशन
बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट के दोनों आरोपी ताहा और शाजिब 28 मार्च तक कोलकाता में रहे. इस दौरान वो कोलकाता के 4 होटलों में रुके.इंडिया टुडे ने इस चारों होटलों में से एस्प्लेनेड क्षेत्र में कोलकाता के एक और होटल का पता लगाया है.
आरोपियों ने 13 मार्च को लेनिन सारनी में पैराडाइज होटल में चेक इन किया था और 14 मार्च को चेक आउट किया था. इससे पहले आरोपी 12 मार्च को चेक इन किया और यहां से 13 मार्च को चेक आउट किया. इसके बाद वह पैराडाइज इन चले गए. फिर बाद में आतंकी इकबालपुर और खिदिरपुर में एक-एक दिन 21 और 22 मार्च तक रुके और अंत में दोनों आरोपी खिदिरपुर-इकबलपुर के एक अन्य होटल में 25 से 28 मार्च तर रुके थे. सूत्रों के अनुसार, फिर वो यहां से दीघा की ओर चले गए.
सिद्धारमैया ने जताया NIA और पुलिस का आभार
बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट मामले में एनआईए द्वारा दो आरोपियों की गिरफ्तारी पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि मैं एनआईए और कर्नाटक की पुलिस को धन्यवाद देता हूं. उन्होंने आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया और अब उन्हें बेंगलुरु लाया गया है. जांच पूरी होने दीजिए. उसके बाद सारी चीजें लोगों के सामने आ जाएंगी.
'क्या बांग्लादेश भागना चाहते थे आरोपी'
सीएम के अलावा कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि हमने जांच शुरू कर दी है. सभी इनपुट एनआईए के साथ साझा किए गए थे. हमारी पुलिस ने बहुत अच्छे इनपुट साझा किए हैं. वास्तव में जो टोपी उसने (आरोपी ने) जो पहना था, वह चेन्नई में खरीदा गया था... वो इस वक्त कोलकाता के एक गांव में रह रहे थे. क्या उनकी बांग्लादेश भागने की कोई योजना थी, इस समय ऐसा लगता है कि वो कहीं भागना चाहते थे. जांच में पता लगाएंगे कि क्या भागने में उस तरफ (बांग्लादेश) से कोई उनकी मदद कर रहा है. ये सब समय आने पर पता चल जाएगा.
दोनों आरोपियों को बेंगलुरु लाई NIA
शुक्रवार को एनआईए ने बताया कि आरोपी अब्दुल मथीन अहमद ताहा और मुसाविर हुसैन शाजिब को कोलकाता से लगभग 190 किलोमीटर दूर पूर्व मेदिनीपुर जिले के समुद्र तटीय पर्यटन शहर दीघा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया. ताहा विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का मास्टरमाइंड था और शाजिब ने कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) रखा था. साथ ही एजेंसी ने बताया कि एनआईए बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट के साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की पिछले पांच साल से तलाश कर रही थी.
18 जगहों पर की कार्रवाई
इससे पहले एनआईए की टीमों द्वारा कर्नाटक में 12, तमिलनाडु में 5 और उत्तर प्रदेश में एक जगह सहित कुल 18 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी. इस दौरान सह-साजिशकर्ता मुजम्मिल शरीफ को गिरफ्तार कर लिया गया था. NIA ने कुछ दिनों पहले प्रेस रिलीज जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि ब्लास्ट को किसने अंजाम दिया था.
ब्लास्ट में 9 लोग हुए थे घायल
बता दें कि एक मार्च को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था. इस धमाके में 9 लोग घायल हो गए थे. पुलिस सूत्रों ने कहा था कि कैफे में टाइमर का उपयोग करके आईईडी बम धमाका किया गया था. कैफे में हुए धमाके के एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें एक शख्स मास्क और कैप पहने हुए बस से उतरकर कैफे में जाता है. इसके बाद वह कैफे में अपना बैग रखकर वापस आ जाता है. आरोपी के यहां से जाने के कुछ देर बाद कैफे में जोरदार धमाका होता जाता है. धमाके के बाद महाशिवरात्रि के अवसर पर कैफे को बड़ी धूमधाम से फिर से खोला गया था.
NIA ने की थी इनाम की घोषणा
3 मार्च को जांच अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने मुख्य आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी.