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महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांडः बाहुबली डीपी यादव के बाद पूर्व बीजेपी नेता प्रणीत भाटी भी बरी

ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके में 13 सितंबर 1992 को तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह भाटी पर उस वक्त हमला कर दिया गया था, जब वह कार में सवार होकर नोएडा जाने के लिए निकले थे.

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प्रणीत भाटी से पहले नैनीताल हाई कोर्ट ने डीपी यादव को भी बरी कर दिया था
प्रणीत भाटी से पहले नैनीताल हाई कोर्ट ने डीपी यादव को भी बरी कर दिया था
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 13 सितंबर 1992 को हुआ था महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांड
  • आरोपी बनाए गए थे डीपी यादव और प्रणीत भाटी
  • डीपी यादव पहले ही हो चुके हैं बरी

गौतमबुध नगर (नोएडा) के चर्चित महेंद्र सिंह भाटी मर्डर केस में अहम फैसला सुनाते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व भाजपा नेता प्रणीत भाटी को निर्दोष करार दिया है. हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में प्रणीत भाटी को बरी कर दिया है. इस मामले में बाहुबली नेता डीपी यादव पहले ही इस मामले में बरी हो चुके हैं. 

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दरअसल, ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके में 13 सितंबर 1992 को तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह भाटी पर उस वक्त हमला कर दिया गया था, जब वह कार में सवार होकर नोएडा जाने के लिए निकले थे. इस हमले के दौरान उनके गनर महेंद्र सिंह कौशिक और कार चालक देवेंद्र भी मौजूद थे. 

यह हमला ग्रेटर नोएडा रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ था. हमलावरों ने एके-47 से विधायक भाटी के काफिले पर फायरिंग शुरू कर दी थी. इस हमले में एमएलए महेंद्र सिंह भाटी और उदय आर्य की गोली लगने से मौत हो गई थी.

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इस हत्याकांड में बाहुबली डीपी यादव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रणीत भाटी, करण यादव और पाला सिंह को आरोपी बनाया गया था, 90 के दशक में हुए इस हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. 

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हैरानी की बात यह थी कि कत्ल के इस मामले में एके-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया था. गौरतलब है कि यह वह दौर था जब क्राइम की दुनिया में एके-47 का इस्तेमाल नया-नया शुरू हुआ था.

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