राजस्थान और महाराष्ट्र के बाद नूपुर शर्मा प्रकरण की आग अब सीतामढ़ी भी पहुंच गयी हैं. नानपुर के बहेड़ा गांव के वारदात से लोग अब दहशत में है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहा है. अंकित के परिजनों और ग्रामीणों की माने तो पुलिस नूपुर शर्मा मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी. हालांकि मीडिया में बात आने के कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. उधर ग्रामीण और परिजनों में दहशत है.
दरअसल, हमले में घायल युवक अंकित झा नानपुर के बहेरा गांव का रहने वाला है. जहां अंकित पर नूपुर शर्मा का वीडियो देखने पर जानलेवा हमला किया गया है. हमले में घायल अंकित की हालत गंभीर होने के चलते उसे दरभंगा रेफर कर दिया गया. वह डीएमसीएच अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती है. इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, 2 आरोपी फरार हैं. पुलिस इसे आपसी विवाद की घटना बता रही है, जिसके बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं.
अंकित के पिता मनोज झा के मुताबिक उनका बेटा पान की दुकान पर पान खाने गया था. इस दौरान वह मोबाइल पर नूपुर शर्मा का वीडियो देख रहा था. तभी वहां, मोहम्मद बिलाल अपने तीन साथियों के साथ आया. वह अंकित के नूपुर का वीडियो देखने पर गुस्सा हो गया.
वहीं, अंकित के एक दोस्त ने बताया कि वो सेना की तैयारी कर रहा है और इंटर तक की पढ़ाई कर चुका है. दोस्त ने नशे की आदत को सिरे से खारिज किया है. दूसरी ओर एसपी हर किशोर राय ने बताया कि पहले घटना के दूसरे दिन परिजनों के द्वारा जो आवेदन दिया गया उसमे नूपुर शर्मा का कोई जिक्र नहीं था. वहीं, अंकित का बयान मीडिया में आने से ये बात सामने आयी है. जांच में ऐसा कोई मामला नहीं दिखा. बयान को लेकर कहा कि हर बिंदु पर जांच की जाएगी. अभी तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दो अन्य अभी फरार हैं.