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पीलीभीत एनकाउंटर: NIA, ATS सहित कई एजेंसियां जांच में जुटीं, पुलिस के हाथ लगे ये अहम सबूत

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए पुलिस मुठभेड़ में तीन खालिस्तानी आतंकियों के मारे जाने के बाद एनआईए, यूपी एटीएस सहित कई केंद्रीय एजेंसियां जांच में लगी हुई है. यहां बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों पर आरोपियों की तस्वीरें दिखाकर जानकारी जुटाई जा रही है.

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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए पुलिस मुठभेड़ में तीन खालिस्तानी आतंकियों की मौत.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए पुलिस मुठभेड़ में तीन खालिस्तानी आतंकियों की मौत.

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए पुलिस मुठभेड़ में तीन खालिस्तानी आतंकियों के मारे जाने के बाद एनआईए, यूपी एटीएस सहित कई केंद्रीय एजेंसियां जांच में लगी हुई है. यहां बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों पर आरोपियों की तस्वीरें दिखाकर जानकारी जुटाई जा रही है. आसपास के इलाकों में उनके मददगारों की भी तलाश की जा रही है.

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पीलीभीत एसपी अविनाश पांडे ने बताया कि तमाम जांच एजेंसियां सक्रिय हैं. आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल एक दिन पहले चोरी हो गई थी. इसका मतलब यह है कि वो यहां पहले से रह रहे थे. ऐसी संभावना है कि किसी ने उन्हें मोटरसाइकिल मुहैया कराई है. बरेली रेंज के आईजी राकेश सिंह ने कहा कि धमकियों के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं. 

आईजी ने कहा, "आतंकवादी तत्वों की मदद करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. 24 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स) के अलग-अलग हैंडल पर एक वीडियो साझा किया गया था. इसमें एक व्यक्ति हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था. वो राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल कर रहा था." 

उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने 14 जनवरी, 2025 (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और 3 फरवरी (बसंत पंचमी) को प्रयागराज में कुंभ के दौरान आतंकी घटना को अंजाम देने की धमकी दी थी. इस वीडियो सामने आने के बाद पीलीभीत जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में शामिल लोगों के बारे में बताने से पुलिस ने इनकार कर दिया.

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बताते चलें कि सोमवार को पीलीभीत के पूरनपुर में खालिस्तानी आतंकियों के एनकाउंटर के मामले में नई जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस ने 23 दिसंबर की सुबह 4:35 पर खुद कलानौर थाने के इंस्पेक्टर कपिल कौशल को तीनों आतंकियों के पूरनपुर में होने की जानकारी दी थी. इस सूचना के मिलने के बाद स्थानीय पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई थी.

इसके बाद पूरनपुर के खमरिया तिराहे पर तैनात सिपाही ने सोमवार की सुबह 5:07 पर इंस्पेक्टर को बाइक से तीन लड़कों के भागने का इनपुट दिया था. सुबह 5:30 तीनों संदिग्धों को चारों तरफ से पुलिस टीमों ने घेरा तो उन्होंने माधोटांडा के संधू फार्म रास्ते में पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी थी. पुलिस पर फायरिंग की सूचना के बाद एसपी अविनाश पांडे मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे. 

वो पुलिस टीम का नेतृत्व करते हुए फायरिंग करते हुए आगे बढ़ते गए. उस दौरान गोलियां उनके शरीर के आसपास से निकल रही थीं. इस जोखिम भरी मुठभेड़ में किसी भी क्षण किसी भी पुलिसकर्मी की जान जा सकती थी. इसी दौरान गोली लगने से एक बदमाश मोटरसाइकिल के पास गिर पड़ा. उसके मुंह से चीख निकल रही थी. कुछ देर बाद उनकी तरफ से फायरिंग बंद हो गई. 

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पुलिस टीम ने पास में जाकर देखा तो तीनों घायल पड़े हुए थे. इसके बाद पंजाब पुलिस ने गोली लगने से घायल हुए आतंकियों की पहचान कर ली. उन्हें अस्पताल ले जाया, जहां तीनों को डेड डिक्लियर कर दिया गया. यूपी पुलिस के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में एसपी पीलीभीत अविनाश पांडे ने अपनी सरकार सरकारी पिस्टल से दो फायर किए थे. 

इस पूरी मुठभेड़ में एसपी पीलीभीत के साथ-साथ दो इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर ने कुल 7 गोलियां चलाई थी. पंजाब पुलिस की तरफ से कुल 8 राउंड गोली चलाई गई थी. वहीं, आतंकियों की तरफ से चलाई गई गोली से बरेली पुलिस के दो सिपाही घायल हो गए. एक गोली इंस्पेक्टर पूरनपुर, एक गोली इंस्पेक्टर माधवटांडा के बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी थी. दोनों बाल-बाल बच गए. 

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