UP News: कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब उन पर इनकम टैक्स की इंवेस्टिगेशन टीम ने जांच का नया शिकंजा कस दिया है. जिससे उनके घर से बरामद हुई 197 करोड़ की रकम जब्त भी हो सकती है. साथ ही उनको भारी भरकम जुर्मना भी देना पड़ सकता है. बता दें कि पीयूष जैन पर अभी तक डीजीजीआई अहमदाबाद और डीआरआई लखनऊ की टीम जांच कर रही थीं.
डीजीजीआई ने ही पहले इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर छापा मारा था और उसके कानपुर में आनंदपुरी वाले घर और कन्नोज की कोठी से 197 करोड़ के नकद नोट बरामद किए थे. कन्नौज में उसके घर से सोना भी बरामद हुआ था. 23 किलो बरामद हुए सोने को लेकर लखनऊ की डीआरआई टीम ने पीयूष जैन के खिलाफ जांच अलग से शुरू की थी.
इनकम टैक्स के इंवेस्टिगेशन विंग के डायरेक्टर विजय सिंह ने डीजीजीआई अहमदाबाद से पहले नोटों की बरामदगी का पूरा रिकॉर्ड लिया फिर उन्होंने कानपुर की स्पेशल सीजीएम स्नेहा कुमारी के यहां इनकम टैक्स के एक्ट 1961 के तहत पीयूष जैन से जेल में पूछताछ करने की अनुमति मांगी. बता दें कि पैसा बरामदगी के बाद से पीयूष जैन अभी तक जेल में ही बंद है. उसकी सुनवाई वर्चुअल कोर्ट में होती है. उसकी लोअर और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट दोनों से बेल खारिज हो चुकी है.
स्पेशल सीजीएम ने इनकम टैक्स की इंवेस्टिगेशन टीम को जेल में पीयूष जैन से पूछताछ करने की अनुमति दे दी. इसके बाद इनकम टैक्स की इंवेस्टिगेशन टीम के इंचार्ज विजय सिंह के नेतृत्व में 4 सदस्यीय टीम ने शनिवार कानपुर जेल के अंदर जाकर पीयूष जैन से बरामद कैश के बारे में पूछताछ की.
इनकम टैक्स सूत्रों का कहना है कि इनकम टैक्स के सवालों का जवाब पीयूष देने से कतराता रहा क्योंकि इसके पहले ही उसकी तरफ से कोर्ट में यह स्वीकार किया जा चुका है कि बरामद पैसा उसका ही है. इसकी पैनल्टी वह डीजीजीआई को देने को तैयार है, लेकिन अब उसे इनकम टैक्स को यह साबित करना होगा की पैसा कहां से आया और इस पर इनकम टैक्स दिया था की नहीं.
इनकम टैक्स सूत्रों की मानें तो यह पैसा अब पीयूष जैन के गले की फांस बनेगा क्योंकि इतनी भारी रकम का स्रोत साबित करना. उसके लिए कम से कम इनकम टैक्स के सामने नामुमकिन ही होगा. ऐसे में इनकम टैक्स उसके इस पैसे को तो जब्त करेगी ही. उलटा इतनी भारी रकम और सोने की बरामदगी पर उसे पैनल्टी भी अलग देनी पड़ सकती है.