बिहार के छपरा जिले का बहरौली गांव में मौत का मातम पसरा है. मंगलवार को हुए छपरा शराब कांड में अब तक 40 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें से 11 मृतक बहरौली के रहने वाले हैं. वहीं, गांव के 10 लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.
सात साल से शराब बंदी, लेकिन पैसे देने पर मिलता है हर ब्रांड
बिहार में शराब बंदी के 7 साल से लागू है. मगर, आलम यह है कि पैसे देने पर हर ब्रांड की शराब मिलती है. बेगूसराय में आम लोगों ने शराब बंदी को पूरी तरह विफल बता रहे हैं. युवाओं और बुजुर्गों ने कहा कि शराबबंदी पूरी तरह से फेल है. हर जगह शराब उपलब्ध है.
खासकर यूरिया खाद से महुआ की बनी शराब बेची जा रही है. इससे लोगों की मौत हो रही है. या तो शराब बंदी को सख्ती से लागू किया जाए या चालू कर दिया जाए. लगातार जहरीली शराब पीने से बिहार में अलग-अलग इलाकों में लोगों की मौत हो रही है.
बहरौली गांव में मौतों से पसरा मातम
यहां के रहने वाले रूपेश शाह और चंदेश्वर शाह के अलावा दोनों के परिवार से कुल पांच लोगों की मौत जहरीली शराब पीने की वजह से हुई है. परिवार के तीन अन्य लोग जिनकी मौत हुई है, उनमें सूरज शाह, कमलेश शाह और नरेश शाह शामिल हैं.
साली की शादी के लिए गांव में रुका था रूपेश
30 साल का रूपेश कुमार इसी साल दिवाली पर गुजरात के सूरत से वापस छपरा में अपने गांव बहरौली आया था. वह साली की शादी की वजह से गांव में ही रुक गया था. मंगलवार 13 दिसंबर को गांव के अन्य लोगों के साथ ही रूपेश कुमार ने भी जहरीली शराब पी थी.
सूरत की एक कपड़ा फैक्ट्री में रूपेश मजदूरी करता था. गांव में उसकी पत्नी, दो छोटी बेटियां अंशिका और सुरभि और एक 11 महीने का बेटा रहता था. रूपेश के मौत के बाद से ही परिवार वाले बुरी तरीके से टूट गए हैं. घर में मातम पसरा है.
बहरौली गांव के ही 60 साल के चंदेश्वर शाह की भी मौत जहरीली शराब कांड में हो गई. वह दिहाड़ी मजदूरी करता था. मंगलवार को उसने भी जहरीली शराब का सेवन किया था. इसके बाद उसकी हालत बहुत खराब हो गई और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नीतीश कुमार पर उठाया सवाल
बिहार की घटना पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाया. गृह राज्य मंत्री ने दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार आपा खो बैठे हैं, इसलिए व्यंग भरे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं.”
"लॉ एंड आर्डर राज्य का विषय है. जब भी ऐसी घटना होती है, तो MHA राज्य को सुझाव देती है कि ऐसी घटना को राज्य संवेदनशीलता से ले. मगर, बिहार सरकार असंवेदनशील हो गई है."