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UP: बाप-बेटी ने किया छेड़खानी का विरोध, आरोपियों ने चाकू से किया हमला

ये मामला ऊंचाहार थाने के गंगोली गांव का है. जहां की रहने वाली नाबालिग लड़की लाडली सिंह और उने पिता जय सिंह समाधान दिवस पहुंचे थे. लाडली सिंह ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके पड़ोस में ही रहने वाले दो युवक उसे इस रूप में घायल कर देंगे और उसका कसूर केवल इतना होगा कि उसके साथ छेड़खानी करने वाले इन युवकों को उसने छेड़खानी करने से मना किया था.

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बाप-बेटी को छेड़खानी करने का विरोध करना पड़ा महंगा, आरोपियों ने चाकू से किया हमला.
बाप-बेटी को छेड़खानी करने का विरोध करना पड़ा महंगा, आरोपियों ने चाकू से किया हमला.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऊंचाहार थाने के गंगोली गांव का मामला
  • नाबालिग ने पुलिस को बताई आपबीती
  • बाप-बेटी ने किया था छेड़खानी करने का विरोध

रायबरेली के ऊंचाहार थाने से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक बाप-बेटी को छेड़खानी करने का विरोध करने पर जानलेवा हमले का सामना करना पड़ा. छेड़खानी करने वालों ने इन पर चाकू से हमला कर दिया. मामले को सुनकर पुलिस वालों के भी होश उड़ गए. पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी.

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दरअसल, ये मामला ऊंचाहार थाने के गंगोली गांव का है. जहां की रहने वाली नाबालिग बच्ची लाडली सिंह और उने पिता जय सिंह समाधान दिवस पहुंचे थे. लाडली सिंह ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके पड़ोस में ही रहने वाले दो युवक उसे इस रूप में घायल कर देंगे और उसका कसूर केवल इतना होगा कि उसके साथ छेड़खानी करने वाले इन युवकों को उसने छेड़खानी करने से मना किया था.

लाडली ने अपनी आपबीती वहां पर मौजूद अधिकारियों को बताई. उसने बताया कि हमारे पड़ोस में 2 लोग रहते हैं. उन लोगों ने मुझसे छेड़खानी की. मेरे पापा उन्हें डांट रहे थे तभी उनके परिवार के लोग मिलकर हमारे पापा मारने पहुंचे. छेड़खानी का विरोध करने के बाद आरोपी युवकों ने उनके ऊपर चाकू से हमला कर दिया. अब हमें न्याय चाहिए. उन आरोपियों का नाम सुरेंद्र और गौरव है.

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शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और घटना की एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस बल को रवाना कर दिया. वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि मामला संज्ञान में आते ही मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और तत्काल कार्रवाई की जाएगी. वहीं, लोगों का कहना है कि यूं तो सरकार तमाम दावे करती है. नारी शक्ति के तमाम कार्यक्रम करती है लेकिन आज लाडली सिंह की स्थिति को देखने के बाद वाकई समाज सोचने पर मजबूर है कि क्या आज भी असुरक्षित और कमजोर है समाज के लिए यह चिंता का विषय है. (इनपुट-शैलेंद्र प्रताप सिंह)

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