राजस्थान (Rajasthan) के अलवर (Alwar) जिले के बड़ौदा मेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत मीणाबास में बाइक से आठ वर्षीय लड़की को टक्कर लगने के बाद भीड़ ने बाइक सवार किशोर की बेरहमी से पिटाई कर दी. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. किशोर की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. अब यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है.
एनसीपीसीआर (National Commission for Protection of Child Rights) ने एसपी अलवर को नोटिस जारी किया है, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया है जिसमें कथित तौर पर मृतक के परिजनों ने इसे मॉब लिंचिंग बताया था.
आयोग ने अलवर के एसपी से 10 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है और एक्शन टेकन रिपोर्ट के बारे में भी जानकारी देने को कहा है. साथ ही मृतक के परिजन से जन्म प्रमाण पत्र मांगा है. मारे गए किशोर की उम्र 17 साल बताई जा रही है.
परिजनों ने की थी सड़क जाम
इससे पहले मृतक के परिजनों ने अलवर भरतपुर मार्ग पर बड़ौदा मेव में सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया था. करीब 5 घंटे तक जाम लगा रहा. इसके बाद पुलिस द्वारा जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देने के बाद परिजनों ने सड़क खाली की. मृतक के परिजनों का आरोप है कि बड़ौदा मेव थाने के एएसआई इलियास आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें बचाने में जुटे हुए हैं. इसलिए एएसआई और बड़ौदा मेव थानाधिकारी को निलंबित किया जाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए. इसके अलावा पीड़ित परिवार के भरण पोषण के लिए 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की भी मांग की गई है.
योगेश के पिता ने दर्ज कराया था मुकदमा
योगेश के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके बेटे को रसीद पुत्र नामालूम, साजेत पठान, मुबीना पत्नी नामालूम तथा अन्य चार लोगों ने घेर लिया था और उसे बाद लाठी व डंडों से पीटा था. योगेश के कान में खून आने लग गया था. कई अन्य जगह भी चोटें आई थीं. उसी समय योगेश कोमा में चला गया था. पहले उसे अलवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां से जयपुर रेफर कर दिया गया था. जयपुर एसएमएस में 18 सितंबर को उसकी मौत हो गई. अगले दिन 19 सितम्बर को पोस्टमाॅर्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया.
पुलिस के मुताबिक यह घटना 15 सितंबर की है. दोनों पक्षों ने बड़ौदा मेव थाने में एक्सीडेंट और मारपीट का मामला 17 सितंबर को दर्ज कराया था, घायल युवक योगेश ने 18 सितंबर की देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ दिया. युवक की मौत के बाद परिजनों ने समाज विशेष के लोगों द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने का मामला दर्ज करवाया है. पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के मामले में हत्या की धारा 302 और SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ दी हैं.
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पूर्व विधायक ने लगाए मॉब लिचिंग के आरोप
इस मामले में रामगढ़ के पूर्व विधायक व भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानदेव आहूजा ने जाति विशेष के लोगों पर पीट-पीट कर हत्या करने (मॉब लॉन्चिंग) का आरोप लगाया है. ज्ञानदेव आहूजा ने कहा इस मामले में मॉब लिंचिंग की धाराएं भी आरोपियों के खिलाफ लगनी चाहिए. ज्ञानदेव आहूजा ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछते हुए पीड़ित को मुआवजा देने व परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है.
गौरतलब है कि 15 सितंबर को घायल अवस्था में योगेश जाटव पुत्र ओम प्रकाश जाटव निवासी भटपुरा नगर भरतपुर बाइक से अपने गांव जा रहा था. रास्ते मे बाइक से एक बच्चे को टक्कर लग गई. हालांकि बच्चे को कोई चोट नहीं आई. इसके बावजूद वहां मौजूद भीड़ ने युवक की जमकर पिटाई शुरू कर दी.
पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 17 सितंबर को पठान समुदाय के कुछ लोगों द्वारा एक एफआईआर दर्ज कराई गई. जिसमें कहा गया था कि बाइक सवार एक किशोर ने उनके एक बच्चे को टक्कर मार दी. इस घटना में बाइक सवार किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं, मृतक योगेश के परिजनों ने भी 17 सितंबर को रसीद खान और मुबीना सहित अन्य लोगों पर मारपीट करने और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस मामले की जांच लक्ष्मणगढ़ डीएसपी राजेश शर्मा को सौंपी गई है.