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Jharkhand: दूसरे दुकानदार की खूब चल रही थी दुकान, इसी नाराजगी में जूस विक्रेता ने कर दिया डबल मर्डर

झारखंड के रांची में व्यापार में कंपटीशन की वजह से डबल मर्डर की घटना सामने आई है. रांची जूस सेंटर के मालिक को अपने प्रतिद्वंद्वी का बढ़ता व्यापार रास नहीं आया. इसी को लेकर उसने अपने भाई के साथ मिलकर दूसरे जूस कारोबारी को गोली मार दी. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

झारखंड के रांची में जूस सेंटर के मालिक को अपने प्रतिद्वंद्वी की तरक्की से इतनी ईर्ष्या हुई कि उसने Competitior और उसके स्टाफ की हत्या कर दी. यह घटना रांची के बरियातू के चिरौंदी की है. पुलिस ने इस डबल मर्डर के आरोपी दो सगे भाइयों और उनके साथी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के पास से एक लोडेड पिस्टल, 14 कारतूस, एक देशी कट्टा, दो मोबाइल और एक बुलेट बाइक मिली है.

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घटना को लेकर एसएसपी किशौर कौशल ने बताया कि अशोक कुमार गुप्ता और धर्मेंद्र गुप्ता बिजनेस में कंपटीशन की वजह से मुकेश साव से ईर्ष्या रखते थे. मुकेश का काम अच्छा चल रहा था. 11 अगस्त की रात मुकेश साव और उसका स्टॉफ रोहन कुमार जूस की दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे. इसी दौरान बुलेट पर सवार अशोक कुमार गुप्ता और धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने मुकेश साव और उसके स्टाफ रोहन की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

चौथा जूस सेंटर खोलने की तैयारी में था मृतक मुकेश

एसएसपी ने बताया कि रांची जूस सेंटर के मालिक धर्मेंद्र और अशोक को मुकेश का जूस का बढ़ता कारोबार रास नहीं आया. मुकेश साव ने मोरहाबादी में तीन जूस सेंटर खोल रखे थे. वह चौथा सेंटर खोलने की तैयारी में था. इससे रांची जूस सेंटर के मालिक को आपत्ति थी. इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था.

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इसके बाद रांची जूस सेंटर के मालिक ने मुकेश और उसके स्टाफ की हत्या कर दी. सीसीटीवी की जांच में यह बात सामने आयी कि मुकेश और रोहन से दोनों आरोपियों ने पहले बातचीत की, इसके बाद गोली मार दी.

कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में थे दोनों आरोपी

एसएसपी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी ने बिहार के औरंगाबाद और गया में छापेमारी की. डबल मर्डर को अंजाम देने वाले आरोपी अशोक और धर्मेंद्र बिहार भाग गए थे. पुलिस के दबाव की वजह से दोनों कोर्ट में सरेंडर करने की भी प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. इस हत्याकांड में धर्मेंद्र और अशोक की मदद करने वाले विजय उरांव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

स्पेशल टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा

हत्याकांड को अंजाम देने के लिए धर्मेंद्र और अशोक ने औरंगाबाद से 70 हजार में दो हथियार और कारतूस खरीदे थे. शुक्रवार की रात एसआईटी को पता चला था कि धर्मेंद्र और अशोक दोनों बंगाल से रांची पहुंचकर अपने एक परिचित के घर पर हैं. सूचना के बाद स्पेशल टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने कबूल किया है कि मुकेश के जूस के बढ़ते बिजनेस को लेकर ही उन्होंने हत्या की थी.

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