राजस्थान के बाड़मेर जिले में रेप और मर्डर की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक टीचर ने अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा के साथ रेप किया. उसके बाद सबूत मिटाने के लिए लड़की की हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव को पानी के टैंक में डाल दिया, ताकि किसी को पता न चल सके. इस घटना के वक्त पीड़िता के परिजन घर से बाहर गए हुए थे. वापस आने के बाद जब वो नहीं मिली, तो उसकी तलाश की गई. इसके बाद लाश को बरामद किया गया.
पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आईपीसी की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया. लड़की के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया. शुरूआती जांच के बाद पता चला है कि पीड़िता जिस स्कूल में पढ़ती है, उसमें पढ़ाने वाला एक टीचर उसके पीछे पड़ा हुआ था. आरोपी का नाम प्रहलाद राम है. उसे पता चल गया था कि छात्रा के घरवाले शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए गांव से बाहर गए हुए हैं.
बाड़मेर जिले के बाखासर पुलिस स्टेशन के प्रभारी सुरभान सिंह ने बताया कि 17 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने छोटे भाई और दादी के साथ घर में मौजूद थी. शनिवार की रात करीब 12 बजे स्कूल टीचर प्रहलाद राम उसके घर में घुस आया. इसके बाद नाबालिग के साथ रेप किया. किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने लगा. लेकिन लड़की ने विरोध किया तो उसने उसकी हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी ने छात्रा के शव को खेत में बने पानी के टैंक में डाल दिया. फिर वहां से फरार हो गया.
परिजनों के मुताबिक, आरोपी गांव के ही सरकारी स्कूल में हिंदी पढ़ाता है. छात्रा के साथ आए दिन छेड़छाड़ किया करता था. उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था. लेकिन लड़की उसे बार-बार इग्नोर कर रही थी. एक दिन उसने अपने परिजनों को इस बारे में बता दिया. इसके बाद उन लोगों ने पंचायत में बात उठाई, तो आरोपी को समझाकर छोड़ दिया गया. इससे उसका मन ज्यादा बढ़ गया. मौका देखते ही उसने छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना डाला और मौत की नींद सुला दी.
बताते चलें कि पिछले साल अप्रैल में बाड़मेर जिले रेप और मर्डर की इससे भी भयानक वारदात हुई थी. उस वक्त एक 45 वर्षीय दलित महिला के साथ उसके पड़ोसी ने पहले रेप किया. इसके बाद एसिड डालकर उसे जालकर मार डाला. इसके बाद जब चीख-पुकार मची तो आसपास की महिलाएं दौड़कर मौके पर पहुंचीं. जैसे-तैसे आग बुझाई, लेकिन तब तक महिला काफी झुलस चुकी थी. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. जोधपुर के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया.
मृतक महिला के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने शुरू में मामला दर्ज करने में आनाकानी की थी. इस मामले को लेकर दलित समुदाय के लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस हरकत में आई. पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 302, 326, 450 और एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया. इसके बाद फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस वारदात को सियासी रंग भी दिया गया. बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा था.