उमेश पाल हत्याकांड में आज दूसरी चार्जशीट दाखिल हो रही है. पहली चार्जशीट में सिर्फ सदाकत खां को आरोपी बनाया गया था. दूसरी चार्जशीट में आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर करेगी. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद अहमद, उसके पिता अतीक अहमद और खालिद अजीम उर्फ अशरफ की मौत हो चुकी है. जिन 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी उनमें शामिल हैं-
1. कैश अहमद पुत्र नबी अहमद उर्फ गोना
2. राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला पुत्र राम बहोरी
3. मो0 अरशद कटरा पुत्र मुन्नवर अली
4. नियाज अहमद पुत्र स्व0 मटरू
5. इकबाल अहमद उर्फ मो0 सजर पुत्र मुख्तार अहमद
6. शारूक उर्फ शहरूख पुत्र शमशेर
7. अखलाक अहमद पुत्र चौधरी अलाउद्दीन
8. खान शौलत हनीफ पुत्र हनीफ खाँ वर्तमान में केन्द्रीय कारागार नैनी में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है.
चार्जशीट में कहा गया है, 'अभियुक्तगण की न्यायिक अभिरक्षा अवधि 90 दिवस पूर्ण हो रही है. अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में दिनांक 17/06./23 को प्रेषित किया जाएगा. अभियुक्त सदाकत खान के विरूद्ध आरोप पत्र दिनांक 26/05/23 को माननीय न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है.' इस चार्जशीट में माफ़िया अतीक अहमद के घरेलू नौकर राकेश उर्फ लाला ड्राइवर कैश अहमद समेत कई लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा.
नियाज़- मोटरसाइकिल से उमेश पाल की रेकी करता था, प्लानिंग में शामिल था.
इकलाख- डॉक्टर इकलाख मेरठ का रहने वाला था, फरारी के दौरान गुड्डू मुस्लिम की मदद की, सीसीटीवी में गुड्डू से गले मिलते दिखाई दे रहा था.
सजर - सजर उमेश पाल का पड़ोसी था जो लगातार अतीक के बेटे असद को फोन पर उमेश पाल के मूवमेंट की जानकारी दे रहा था, उमेश पाल जब घर के पास पहुंचा इसने ही जानकारी दी थी. उमेश पाल हमले में मारा गया इसकी पुष्टि भी सजर ने अतीक और अशरफ को फोन पर की थी.
शाहरुख- यह अतीक का पुराना वफादार नौकर था जिसने उमेश पाल हत्याकांड के बाद हत्याकांड में इस्तेमाल रायफल और हथियार ठिकाने लगाने में मदद की थी.
अरशद- अतीक अहमद का पुराना हथियार सप्लायर रहा है.
खान शौलत हनीफ- अतीक का वकील है, हत्याकांड की प्लानिंग में शामिल रहा, शूटरों को उमेश पाल की फोटो भेजी थी, हवाला के पैसे इधर से उधर किए.
प्रयागराज में 24 फरवरी को दिनदहाड़े राजूपाल हत्याकांड में गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल जब अपने घर जा रहे थे, तब गली के बाहर कार से निकलते वक्त उन पर शूटरों ने फायरिंग कर दी थी. इस दौरान बम भी फेंके गए थे. इस हमले में उमेश पाल और उनके दो गनर्स की मौत हो गई थी. यूपी को दहला देने वाला उमेश पाल हत्याकांड पुलिस के सामने एक चुनौती बनकर खड़ा है.