scorecardresearch
 

महिला टूरिस्ट की लाश और 27 साल बाद गिरफ्तारी... रोचक है चार्ल्स शोभराज को पकड़ने वाले पुलिसवाले की कहानी

सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज जेल से बाहर आ गया है. नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उसकी रिहाई का आदेश दिया था. चार्ल्स शोभराज 'बिकिनी किलर' नाम से भी जाना जाता है. वह 2003 में काठमांडू से गिरफ्तार किया गया था. शोभराज को दो मर्डर केसों में 20 साल की सजा सुनाई गई थी.

Advertisement
X
सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज
सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज

सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज का नाम एक बार फिर चर्चा में है. नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है. शोभराज को नेपाल की अदालत ने 2003 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. उसे 2003 में काठमांडू में एक कैसीनो से गिरफ्तार किया गया था. चार्ल्स शोभराज की कहानी जितनी दिलचस्प है, उससे कहीं ज्यादा रोचक कहानी उन्हें गिरफ्तार करने वाले नेपाली पुलिस अफसर गणेश के सी की है. गणेश के सी 12 साल की उम्र में अमेरिकी महिला टूरिस्ट की लाश नदी में तैरते देखकर डिटेक्टिव बनने का फैसला कर लिया था. इस महिला टूरिस्ट की हत्या और किसी ने नहीं बल्कि शोभराज ने ही की थी. 

Advertisement

गणेश के सी जब 40 साल के थे, तब उन्होंने चार्ल्स शोभराज को गिरफ्तार किया. उस वक्त वे डिप्टी पुलिस अधीक्षक थे. शोभराज मर्डर केस में पिछले 2 दशक से जेल में बंद था. अब नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उसे रिहा करने का आदेश दिया है. इसी बीच गणेश के सी ने बताया कि जब वे 12 साल के थे, तब उन्होंने काठमांडू में मनाहारा नदी के पास लोगों को जाते देखा. लोग अमेरिकी महिला टूरिस्ट कोनी जो ब्रोंजिच की लाश देखने के लिए जमा हुए थे. इसकी हत्या चार्ल्स शोभराज ने की थी. 
 

शोभराज को गिरफ्तार करने वाले नेपाली पुलिस अफसर गणेश के सी (अब रिटायर)

 
शोभराज ने 1976 में कोनी जो ब्रोंजिच और कनाडाई नागरिक लॉरेंट कैरिरे की हत्या की थी. दोनों दोस्त थीं. लेकिन चौंकाने वाली बात ये थी कि 27 साल बाद पुलिस अफसर गणेश के सी को शोभराज को गिरफ्तार करने का टास्क मिला. गणेश के सी के मुताबिक, शोभराज एक डॉक्यूमेंट्री के लिए काठमांडू आया था. उसे दरबारमार्ग में रॉयल कैसीनो के पास देखा गया और द हिमालयन टाइम्स अखबार में उसकी तस्वीर छपी थी. इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. 

Advertisement

गणेश के सी बताते हैं कि पुलिस के पास उसे दो महिलाओं की हत्या के मामले में गिरफ्तार करने के लिए कोई सबूत नहीं थे. ऐसे में पुलिस ने उसे पहले अप्रवास कानून का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया. इसके बाद उसके खिलाफ सबूतों की तलाश की गई. फिर होटल की रजिस्ट्री में उसके हस्ताक्षर समेत कुछ सबूतों के आधार पर हत्या के मामले में आरोपी बनाया. 

 

गणेश ने बताया कि उस समय हमें काफी गर्व महसूस हुआ था कि हम शोभराज को करीब 3 दशक बाद मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर सके. दोनों महिलाओं की हत्या के मामले में उस पर दो केस दर्ज हुए. हालांकि, शोभराज ने हत्या से इंकार किया था. उसके वकील का दावा था कि उसके खिलाफ आरोप धारणा पर आधारित हैं. 
 
नेपाली अफसर के मुताबिक, दोनों महिलाओं के पास ज्वेलरी थी, इसलिए शोभराज ने उनकी हत्या की थी. करीब 2 दशक बाद गणेश डीआईजी पद से रिटायर हुए. हालांकि, गणेश का कहना है कि वे शोभराज की जल्दी रिहाई से खुश हैं. उन्होंने कहा कि शोभराज की रिहाई बढ़ती उम्र को देखते हुए की गई है और यह दिखाता है कि हम वरिष्ठ नागरिकों के प्रति कितने संवेदनशील हैं और यह मानवाधिकारों के प्रति हमारे दृढ़ विश्वास को भी दिखाता है. 
 
कौन है शोभराज?

Advertisement

चार्ल्स शोभराज की मां वियतनाम की थीं और पिता भारतीय थे. शोभराज का जन्म 6 अप्रैल 1944 को वियतनाम के साइगॉन में हुआ था. उस वक्त वियतनाम पर फ्रांस का कब्जा था. फ्रांस के कब्जे वाले देश में पैदा होने के कारण शोभराज के पास फ्रांस की नागरिकता है. शोभराज को 'द सर्पेंट' और 'बिकिनी किलर' के नाम से भी जाना जाता है. शोभराज पर 1970 के दशक में 15-20 हत्याओं का आरोप है.  चार्ल्स शोभराज अक्सर विदेशी पर्यटकों को ही निशाना बनाता था. उस पर 20 से ज्यादा लोगों की हत्या का आरोप है. वो इन पर्यटकों से दोस्ती करता था. उन्हें ड्रग्स देता था और हत्या करके उनका सामान लूट लेता था.

क्यों रिहा हुआ शोभराज?

नेपाल सुप्रीम कोर्ट की दो जजों के बेंच ने चार्ल्स शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया था. शोभराज ने अपनी रिहाई की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. उसने दावा किया था कि उसे जितनी सजा मिली थी, उतनी वो काट चुका है, इसलिए उसे रिहा किया जाए. नेपाल के कानून के मुताबिक, अगर कोई कैदी 75% सजा पूरी कर चुका है और उसका बर्ताव अच्छा है तो उसे रिहा किया जा सकता है. शोभराज ने अपनी याचिका में दावा किया था कि नेपाली कानून के तहत बुजुर्ग कैदियों को मिलने वाली 'रियायत' के आधार पर उसे रिहा किया जाए. उसने दावा किया था कि 20 साल की सजा में 17 साल उसने पहले ही काट लिए थे.
 

Advertisement

भारत में भी सजा काट चुका शोभराज

चार्ल्स शोभराज भेष बदलने में माहिर था. वो पर्यटकों और महिलाओं को निशाना बनाता था. उस पर भारत और नेपाल समेत कई देशों में हत्या के दर्जनों मामले दर्ज हैं. शोभराज को 1976 में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था. उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था. 1986 में शोभराज जेल से भाग गया था. बताया जाता है कि उसने तिहाड़ जेल में अपने जन्मदिन की पार्टी रखी. इस पार्टी में उसने जो मिठाई और केक बांटे थे, उसमें बेहोशी की दवा मिला दी थी. जेल के गार्ड्स को भी उसने मिठाइयां खिलाईं और बेहोश करके जेल से भाग गया. हालांकि, 22 दिन बाद ही उसे गोवा के कसीनो से फिर गिरफ्तार कर लिया गया. शोभराज को उस समय किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया था. 1997 में उसे तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया था.
 


 

Advertisement
Advertisement