क्रूज ड्रग्स केस से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. एनसीबी के गवाह प्रभाकर सैल ने अपने हलफमाने में अभिनेता शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी की मर्सिडीज कार का जो जिक्र किया था, उसकी सीसीटीवी फुटेज मिली है. मुंबई पुलिस को लोअर परेल से फुटेज मिली है.
पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि पूजा ददलानी की कार देखी गई थी, लेकिन फुटेज में जो महिला दिखाई दे रही है, वह पूजा ददलानी ही हैं, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है. बता दें कि आर्यन खान को छोड़ने के एवज में वसूली के आरोप प्रभाकर सैल ने लगाए हैं जिसकी जांच एसआईटी कर रही है.
एनसीबी के गवाह रहे किरण गोसावी ने शाहरुख की मैनेजर पूजा ददलानी को पैसे के बदले आर्यन खान की गिरफ्तारी रोकने का भरोसा दिलाया था. ऐसे में एसआईटी गोसावी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है. क्योंकि वह क्रूज ड्रग केस में भी गवाह है, साथ ही उसकी एसयूवी पर 'पुलिस' लिखा हुआ है.
अब पुलिस ये जांच कर रही है कि क्या गोसावी ने खुद को एनसीबी का अधिकारी बताया था. वहीं एसआईटी इस मामले में पूजा ददलानी का बयान दर्ज कर सकती है.
प्रभाकर सैल ने दावा किया है कि एनसीबी की कार्रवाई के बाद शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी और गोसावी तीन अक्टूबर को लोअर परेल में सैम डिसूजा से मिले थे. सैल के दावे के बाद पुलिस ने इस एरिया के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें ददलानी की ब्लू मर्सिडीज के साथ ही गोसावी और डिसूजा की इनोवा एसयूवी मिली हैं. सीसीटीवी फुटेज में एक महिला मर्सिडीज से बाहर आती हुई दिखाई दे रही है, फिर वह गोसावी से कुछ बातचीत करती है, फिर दोनों वहां से महिला की कार में निकल जाते हैं. फुटेज में दिखाई दे रही ये महिला कौन है इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है.
सैल के दावे के मुताबिक लोअर परेल की बैठक के बाद उन्होंने गोसावी को उनके वाशी स्थित घर पर छोड़ दिया. गोसावी ने सैल से होटल टैरेडो के बाहर से पैसे लेने के लिए कहा था. इसी दौरान एक आदमी कार से आया और उसने दो बैग दिए, वह इन्हें ट्राइडेंट होटल में डिसूजा के पास ले गया. वहां डिसूजा ने पैसे गिने और कहा कि यह मात्र 38 लाख हैं, इस बात का जिक्र हलफनामे में किया गया है. वहीं सैल ने दावा किया कि उसने एक बातचीत सुनी थी, जिसमें गोसावी और कुछ लोग 25 करोड़ की मांग किए जाने की चर्चा कर रहे थे, जिसमें 8 करोड़ रुपये का भुगतान जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को किया जाना था.
वहीं एक टीवी इंटरव्यू में डिसूजा ने दावा किया कि ददलानी से 50 लाख रुपये मिले थे, लेकिन जब इस बात की जानकारी हुई कि गोसावी धोखेबाज है, तो रकम वापस कर दी गई. उसने कहा कि गोसावी ने उसे बताया कि वह उस आदमी के दबाव में था, जिसका नंबर उसके फोन में एस डब्ल्यू (समीर वानखेड़े) के नाम से सेव था, लेकिन ट्रू कॉलर से डिसूजा को पता चला कि वह नंबर सैल का है.
इस मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने डिसूजा को पूछताछ के लिए बुलाया है, लेकिन वह अभी तक नहीं आए हैं. अब एसआईटी गोसावी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है. हालांकि पुणे और अंबोली पुलिस पहले ही उसके खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है. जबकि गोसावी को पिछले महीने पुणे पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.